पाकिस्तान में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को IED विस्फोट का निशाना बनाया गया। इस धमाके के कारण ट्रेन की छह बोगियां पटरी से उतर गईं। घटना बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के दश्त इलाके में हुई।
इससे पहले मार्च 2025 में बलूच विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना के साथ मुठभेड़ में 31 लोग मारे गए थे।
घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियो में बोगियों के डिरेल होने और एक बोगी पलटी होने की पुष्टि की जा सकती है। पाकिस्तान रेलवे अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
इस घटना की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का हाथ हो सकता है।
जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की क्वेटा और पेशावर के बीच संचालित होने वाली प्रमुख यात्री ट्रेन है। यह ट्रेन प्रतिदिन दोनों तरफ चलती है और लगभग 1,632 किलोमीटर (1,014 मील) की दूरी को 34 घंटे 10 मिनट में तय करती है। इसका मार्ग रोहरी-चमन और कराची-पेशावर रेलवे लाइन के कुछ हिस्सों से गुजरता है।
11 मार्च 2025 को जाफर एक्सप्रेस को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हाईजैक कर लिया था। इस दौरान 440 से अधिक लोग बंधक बने थे। बीएलए ने दावा किया था कि इसमें 30 से अधिक पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 12 मार्च को ट्रेन छुड़ाने का अभियान चलाया। इसके बाद पाकिस्तान ने दावा किया कि सभी यात्री और सुरक्षाकर्मी सुरक्षित रहे, जबकि अभियान में 33 बीएलए आतंकवादी, 21 यात्री, 4 सैनिक और ट्रेन चालक की मौत हुई थी।



