Strait of Hormuz Alert: पिछले कुछ हफ्तों से होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही थीं। कहा जा रहा था कि भारतीय जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरान से कोई समझौता करना पड़ेगा या कोई फीस देनी होगी। लेकिन मंगलवार को भारत सरकार ने इन सभी अफवाहों को एक झटके में खारिज कर दिया। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए किसी भी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय नौवहन नियमों के अनुसार इस जलमार्ग से गुजरने की पूरी स्वतंत्रता है। यह बयान उस वक्त बेहद जरूरी था जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव के कारण होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी और देश में LPG की भारी किल्लत हो गई थी।
Strait of Hormuz – भारत के लिए क्यों है इतना अहम?
इस पूरे मामले को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य आखिर है क्या और यह भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ने वाला एकमात्र समुद्री रास्ता है। यह एक बेहद संकरा लेकिन दुनिया का सबसे व्यस्त तेल और गैस परिवहन मार्ग है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20 फीसदी इसी रास्ते से गुजरता है। भारत के लिए तो यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। देश की जरूरत की LPG यानी रसोई गैस का 85 से 95 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से आता है। इसके अलावा गैस का करीब 30 फीसदी भी होर्मुज से ही आता है। यानी अगर यह रास्ता बंद हो जाए या इसमें रुकावट आए तो भारत में गैस और LPG की भारी कमी हो सकती है।
Strait of Hormuz Alert: फारस की खाड़ी में फंसे 22 भारतीय जहाज

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया था। इसकी वजह से वहाँ जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई थी। फारस की खाड़ी में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज फंस गए थे। इन जहाजों में LPG, LNG, कच्चा तेल और अन्य सामान था। विशेष सचिव ने बताया कि जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में अभी भी कई जहाज हैं जिनमें LPG के पाँच जहाज शामिल हैं। इन पाँच जहाजों में कुल 2.3 लाख टन रसोई गैस है। इसके अलावा एक खाली जहाज में LPG भरने का काम शुरू हो गया है। इन जहाजों के साथ एक LNG टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक रासायनिक उत्पादों का टैंकर, तीन कंटेनर जहाज और दो बल्क कैरियर भी शामिल हैं।
दो जहाज निकले, 27 मार्च तक भारत पहुँचेंगे
अच्छी खबर यह है कि दो भारतीय LPG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। ये दोनों जहाज हैं पाइन गैस और जग वसंत। पाइन गैस जहाज में 45,000 टन LPG भरी है और यह 27 मार्च को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर पहुँचेगा। इस जहाज पर 33 भारतीय नाविक सवार हैं जो सुरक्षित हैं। जग वसंत जहाज में 47,612 टन LPG है और यह 26 मार्च को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुँचेगा। इस जहाज पर 27 भारतीय नाविक हैं। दोनों जहाज एक-दूसरे के करीब चल रहे हैं। इन दोनों जहाजों में जो गैस है वह भारत में लगभग एक दिन की रसोई गैस की खपत के बराबर है।
फीस की अफवाह को सरकार ने किया खारिज
एक सबसे बड़ी अफवाह यह थी कि भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए कोई सुरक्षा फीस या राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने साफ कहा कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए किसी भी तरह की फीस या सुरक्षा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह बात उन लोगों के लिए जरूरी थी जो यह मान रहे थे कि भारत ने ईरान से कोई सौदा किया है। विशेष सचिव ने यह भी बताया कि चूंकि होर्मुज जलडमरूमध्य संकरा है इसलिए वहाँ प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते चिन्हित किए गए हैं जिनका पालन सभी जहाजों को करना होता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय नियम है जो सभी देशों पर समान रूप से लागू होता है।
भारत के पास वैकल्पिक रास्ते भी हैं
भारत सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर होर्मुज में कोई और रुकावट आती है तो भारत के पास वैकल्पिक रास्ते भी उपलब्ध हैं। कच्चे तेल की आपूर्ति में आई रुकावट की भरपाई रूस, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और लातिनी अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आंशिक रूप से की गई है। हालांकि LPG और गैस के मामले में वैकल्पिक स्रोत सीमित हैं। इसीलिए औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस और LPG की आपूर्ति में कटौती हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
Read More Here:-
Hair Care Tips: गुड़हल का फूल देगा मजबूत, लंबे और काले बाल, जानें इस्तेमाल का सही तरीका
I-PAC Case: सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के वकील कपिल सिब्बल और जज के बीच हुई बहस, जानें पूरा मामला



