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Jharkhand Assembly Budget: झारखंड विधानसभा में LPG संकट पर हंगामा, सत्ता पक्ष बोला- घरों में चूल्हे नहीं जल रहे और मोदी सरकार तमाशा देख रही है

Jharkhand Assembly Budget: रांची, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन शुक्रवार को सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की सबसे बड़ी वजह बनी देशभर में छाई LPG यानी रसोई गैस की भीषण किल्लत। सत्र शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष के विधायक बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मांग साफ थी कि देश में रसोई गैस की किल्लत को तुरंत खत्म किया जाए और आम जनता के घरों तक गैस पहुंचाई जाए। सदन के अंदर भी यही मुद्दा छाया रहा और विपक्ष व सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

यह प्रदर्शन ऐसे वक्त में हुआ जब पूरे देश में LPG संकट की मार हर तरफ महसूस हो रही है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक गैस सप्लाई चेन टूट गई है जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। झारखंड भी इससे अछूता नहीं है और राज्य में गैस सिलिंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

ग्रामीण विकास मंत्री बोलीं- गैस सप्लाई पूरी तरह ठप

विधानसभा के मुख्य द्वार पर हुए प्रदर्शन में झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज हालत यह है कि सिर्फ गैस के दाम ही नहीं बढ़े बल्कि सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं, खाना नहीं बन रहा और इस सब के बावजूद केंद्र में बैठी मोदी सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन आम जनता की पीड़ा और आक्रोश को आवाज देने के लिए किया गया है।

दीपिका पांडेय सिंह का यह बयान बहुत कुछ कह जाता है। जब एक राज्य की कैबिनेट मंत्री सड़क पर उतरकर गैस संकट को लेकर विरोध करे तो समझा जा सकता है कि जमीनी हालात कितने गंभीर हो चुके हैं। झारखंड में गैस सिलिंडर के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं और कई इलाकों में लोगों को सिलिंडर मिलने में दिन-दिन भर का इंतजार करना पड़ रहा है।

कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने भी सदन के अंदर इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में पेट्रोल, डीजल और गैस तीनों की किल्लत है। LPG की कमी का असर इतना व्यापक हो गया है कि मंदिरों में भोग तक बंद हो गया है और स्कूलों में बच्चों को मिलने वाला मिड डे मिल भी बंद हो गया है। प्रदीप यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संदेश सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचना चाहिए।

विपक्ष का पलटवार, मरांडी बोले- जब कोई कमी नहीं तो अराजकता क्यों फैला रहे हो

Jharkhand Assembly Budget

सत्ता पक्ष के इस हमले पर विपक्ष ने भी पलटवार किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सत्ता पक्ष पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि यह लोग रिक्शे से आ रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई कमी नहीं है तो यह लोग बेवजह अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मरांडी का यह बयान सत्ता पक्ष को और भड़काने वाला रहा और सदन में माहौल और गर्म हो गया।

हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि झारखंड समेत पूरे देश में LPG संकट एक असली और बड़ी समस्या बन चुकी है जिसे नकारना मुश्किल है। मंदिरों में भोग बंद होना और स्कूलों में मिड डे मिल रुकना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि गैस की कमी अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रही है।

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी सदन में एक बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रुपए की कीमत लगातार गिर रही है और आने वाले दिनों में किसानों को यूरिया की भी भारी दिक्कत होने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि नेचुरल गैस की कमी आगे और बढ़ सकती है। उनका यह बयान बताता है कि LPG संकट का असर सिर्फ रसोई तक नहीं बल्कि खेती-किसानी तक भी पहुंचने वाला है।

Jharkhand Assembly Budget: जल संसाधन विभाग का 23 अरब रुपये का बजट भी हुआ पास

LPG संकट के शोरशराबे के बीच झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में कुछ अहम फैसले भी हुए। गुरुवार को खाद्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में बताया कि सरकार हर प्रखंड में धान के लिए गोदाम बनवाएगी और इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक लक्ष्य का 50 फीसदी से ज्यादा धान की खरीदारी हो चुकी है और 31 मार्च तक खरीद जारी रहेगी। अगर जरूरत पड़ी तो धान खरीद का वक्त बढ़ाया भी जा सकता है क्योंकि पैक्स केंद्रों पर बड़ी संख्या में किसान धान बेचने आ रहे हैं। राज्य में इस वक्त 831 धान खरीद केंद्र चल रहे हैं और जहां पैक्स नहीं है वहां नए केंद्र खोले जाएंगे।

इसके अलावा बजट सत्र के दौरान जल संसाधन विभाग का 23.16 अरब रुपये का बजट भी पास हो गया। जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य में 849 चेक डैम बनाए जा रहे हैं जिनमें से 269 का काम पूरा हो चुका है। इससे करीब 17,069 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता तैयार हुई है। बाकी चेक डैम का काम अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा होगा। मंत्री ने यह भी बताया कि शहरी इलाकों में भूमिगत जल का जरूरत से ज्यादा दोहन हो रहा है जिससे जल स्तर गिर रहा है और इस समस्या से निपटने के लिए अगले वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लेकिन इन सब फैसलों पर LPG संकट का साया इस कदर छाया रहा कि पूरे दिन की सबसे बड़ी चर्चा गैस किल्लत ही बनी रही।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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