Jharkhand police: रांची, झारखंड पुलिस के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा परिसर से राज्य पुलिस को 1477 नए वाहनों की सौगात दी। इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया। इस बड़े फैसले से झारखंड पुलिस की ताकत और रफ्तार दोनों में एक साथ बड़ा इजाफा होने वाला है। खासतौर पर नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी और रिस्पॉन्स टाइम में जो कमी महसूस होती थी उसे अब दूर किया जा सकेगा।
झारखंड पुलिस संगठन ने सरकार के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह वाहन लंबे समय से जरूरत थे क्योंकि ज्यादातर जिलों में पुलिस के पास जो वाहन थे वो या तो बहुत पुराने हो चुके थे या ठीक से काम नहीं कर रहे थे। कई बार पुराने और खराब वाहनों की वजह से पुलिस घटनास्थल पर समय पर नहीं पहुंच पाती थी और इससे अपराधियों को भागने का मौका मिल जाता था। अब नए वाहनों के आने से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
Jharkhand police: 628 बोलेरो और 849 मोटरसाइकिल, हर थाना क्षेत्र तक पहुंचेगी पुलिस की नजर

इस बड़े वाहन बेड़े में दो तरह के वाहन शामिल हैं। पहले हैं चार पहिया वाहन यानी बोलेरो जिनकी संख्या 628 है और दूसरे हैं दोपहिया यानी मोटरसाइकिल जिनकी संख्या 849 है। इन दोनों को मिलाकर कुल 1477 वाहन राज्य के अलग-अलग जिलों में भेजे गए हैं।
बोलेरो गाड़ियां उन इलाकों के लिए खास तौर पर मददगार होंगी जहां सड़कें कच्ची हैं या पहाड़ी और जंगली रास्ते हैं। झारखंड में बड़ा हिस्सा ऐसे इलाकों से भरा हुआ है जहां आम गाड़ियों का चलना मुश्किल होता है। बोलेरो जैसी मजबूत गाड़ियां ऐसे रास्तों पर आसानी से चल सकती हैं और पुलिस की टीम को हर हालत में घटनास्थल तक पहुंचाने में सक्षम हैं। वहीं 849 मोटरसाइकिल को राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा। मोटरसाइकिल गश्त के लिए सबसे तेज और सबसे सुविधाजनक होती है। संकरी गलियों, बाजार क्षेत्रों और ऐसी जगहों पर जहां बड़ी गाड़ी नहीं जा सकती वहां मोटरसाइकिल पर पुलिस की पहुंच बेहद आसान हो जाती है।
सरकार का मकसद साफ है कि राज्य के हर थाना क्षेत्र के हर हिस्से तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित हो। अब तक ऐसा होता था कि एक थाने के पास वाहन कम होने की वजह से पुलिस दूर के इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग नहीं कर पाती थी। नए वाहनों के आने के बाद हर थाना अपने पूरे क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त लगा सकेगा जिससे अपराधियों में खौफ बढ़ेगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
QRT को मिलेगी नई ताकत, नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलेगी तस्वीर
झारखंड में नक्सल प्रभावित इलाके एक बड़ी चुनौती रहे हैं। इन इलाकों में पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT की भूमिका सबसे अहम होती है। QRT को किसी भी घटना पर सबसे तेज प्रतिक्रिया देनी होती है और इसके लिए अच्छे और तेज वाहनों की जरूरत होती है। पुराने और खराब वाहनों की वजह से कई बार QRT की रफ्तार पर असर पड़ता था लेकिन अब नए वाहनों के आने से QRT की काम करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
पुलिस संगठन के मुताबिक नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोलिंग करने वाले पैंथर जवानों को भी इन नए वाहनों से बड़ा फायदा होगा। पैंथर जवान झारखंड पुलिस की वो टीम है जो सबसे मुश्किल और संवेदनशील इलाकों में काम करती है। अब तक इन जवानों को कई बार पुराने और खराब वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन नए वाहन मिलने के बाद इनकी मिशन क्षमता में बड़ा सुधार आएगा।
नए वाहनों से सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं बल्कि आपात स्थितियों में मदद पहुंचाना और ट्रैफिक मैनेजमेंट भी बेहतर होगा। सड़क दुर्घटना हो, कोई मेडिकल इमरजेंसी हो या किसी इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े, हर मौके पर पुलिस अब पहले से ज्यादा तेजी से पहुंच सकेगी। झारखंड पुलिस का यह नया वाहन बेड़ा राज्य की कानून-व्यवस्था को एक नए और मजबूत मुकाम पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम है। सरकार का यह फैसला दिखाता है कि झारखंड में पुलिस को मजबूत बनाने को लेकर गंभीरता है और आने वाले वक्त में इसके नतीजे जमीन पर दिखेंगे।
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