Top 5 This Week

Related Posts

Jharkhand News: इस नये फोरलेन के बनने से झारखंड से 11 किमी कम होगी बिहार की दूरी

Jharkhand News: झारखंड के कोडरमा जिले में एनएच-20 (बरही से रजौली) फोरलेन सड़क के लिए नया रूट प्रस्तावित किया गया है। इस नए मार्ग से कोडरमा से रजौली (बिहार) की दूरी करीब 11 किलोमीटर कम हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह कि कोडरमा घाटी जैसे दुर्घटना वाले क्षेत्र से सड़क गुजरेगी नहीं। इससे घाटी सुरक्षित रहेगी और वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र को भी कोई नुकसान नहीं होगा।

यह खबर झारखंड और बिहार के यात्रियों के लिए बहुत राहत वाली है। पहले पुराने रूट में कोडरमा घाटी से गुजरने की वजह से दुर्घटनाएं ज्यादा होती थीं। अब नया रूट सुरक्षित और छोटा होगा।

नया रूट कैसा होगा और क्यों बनाया जा रहा?

पुराने रूट में कोडरमा घाटी और वन्य क्षेत्र से सड़क गुजरने की वजह से पर्यावरण और सुरक्षा की समस्या थी। इसलिए एनएचएआई ने नया रूट प्रस्तावित किया। सोमवार को उपायुक्त ऋतुराज, डीएफओ सौमित्र शुक्ला, डीएलओ ओमप्रकाश मंडल और एनएचएआई अधिकारियों ने नए रूट का स्थलीय निरीक्षण किया।

नया रूट सतपुलिया और पार्वती क्लिनिक के बीच से डायवर्ट होगा। यह गुमो सतपुलिया के पास से शुरू होकर बिसनपुर आश्रम के बीच से गुजरेगा। आश्रम की चारदीवारी के पास करीब 11 एकड़ जमीन ली जाएगी, लेकिन आश्रम में आने-जाने के लिए अंडरपास बनाया जाएगा।

इसके बाद सड़क वन क्षेत्र से होते हुए गझंडी के चनाको गांव के पास रेलवे लाइन क्रॉस करेगी। नया रूट आबादी से दूर रखा गया है, ताकि कम से कम घरों को नुकसान हो। पक्के मकानों को बचाने का विशेष ध्यान रखा गया है।

दूरी और सुरक्षा के फायदे

  • कोडरमा से रजौली की दूरी 11 किमी कम हो जाएगी।
  • कोडरमा घाटी जैसे खतरनाक मोड़ से बचाव होगा।
  • दुर्घटनाएं कम होंगी।
  • वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र सुरक्षित रहेगा।
  • यात्रा का समय और ईंधन बचेगा।

उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि नए रूट से कम से कम घरों को नुकसान होगा। सतपुलिया से आश्रम होते हुए चनाको गांव तक जाएगा। वहां से वन क्षेत्र से गुजरकर बिहार के रजौली पहुंचेगा। बिहार में टनल बनाने का भी प्रस्ताव है।

सतपुलिया के पास बनेगा गोलंबर

वाहनों की आसानी के लिए सतपुलिया और पार्वती क्लिनिक के पास गोलंबर बनाया जाएगा। इससे तिलैया की ओर आने-जाने वाले वाहन आसानी से फोरलेन पर चढ़ सकेंगे। गोलंबर करीब 200 मीटर के दायरे में बनेगा।

भूमि अधिग्रहण और घरों पर असर

नए रूट में कुछ जमीन और मकान अधिग्रहित होंगे। लेकिन कम से कम नुकसान का प्रयास किया गया है। अनुमान के अनुसार

  • गुमो मौजा में 20-25 मकान
  • नवादा में 4-5
  • बिसनपुर में 5-6
  • रतनसोत में 3-4
  • कौवावर में 5-6
  • चनाको में 5-6 मकान प्रभावित हो सकते हैं

जमीन की लंबाई

  • गुमो मौजा: 100 मीटर
  • नवादा: 1.1 किमी
  • बिसनपुर: 1.2 किमी
  • रतनसोत: 1.1 किमी
  • कौवावर: 600 मीटर
  • चनाको: 300 मीटर

कुल सड़क

  • झारखंड में: 15.5 किमी (रैयती और जीएम जमीन 5.2 किमी, वन क्षेत्र 10.3 किमी)
  • बिहार में: 11.3 किमी

आरओबी और टनल का प्रस्ताव

नए रूट में

  • दो आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) – सतपुलिया के पास से गझंडी की ओर 11.7 और 12.3 किमी पर।
  • बिहार क्षेत्र में तीन टनल बनाई जाएंगी।

अगर सब ठीक रहा, तो सड़क निर्माण की स्वीकृति जल्द मिल सकती है। संबंधित विभागों को बैठक करके आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए फायदा

यह फोरलेन बनने से

  • झारखंड से बिहार जाना आसान और तेज होगा।
  • हादसे कम होंगे।
  • व्यापार और आवागमन बढ़ेगा।
  • कोडरमा घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और सुरक्षा बनी रहेगी।

लोगों का कहना है कि पुराने रूट में घाटी से गुजरने से डर लगता था। अब नया रूट सुरक्षित होगा।

Jharkhand News: नया रूट से झारखंड-बिहार कनेक्टिविटी बेहतर होगी

बरही-रजौली फोरलेन का नया रूट प्रस्तावित हो गया है। इससे दूरी 11 किमी कम होगी और कोडरमा घाटी सुरक्षित रहेगी। अधिकारियों ने निरीक्षण कर लिया है। कम से कम घरों और जमीन का अधिग्रहण होगा। गोलंबर, आरओबी और टनल से सड़क और मजबूत बनेगी।

यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर यात्रा आसान और सुरक्षित हो जाएगी। झारखंड और बिहार के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles