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Jharkhand Weather Update: जमशेदपुर में निकाय चुनाव के बाद कुदरत का कहर, आंधी-बारिश से तापमान गिरा

Jharkhand weather update: झारखंड के जमशेदपुर में निकाय चुनाव की गहमागहमी थमी भी नहीं थी कि प्रकृति ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। सोमवार की देर रात अचानक मौसम ने पलटी खाई और पूरे शहर में जोरदार आंधी, कड़कती बिजली और मूसलाधार बारिश ने दस्तक दे दी। उमस और चुनावी थकान से चूर लोगों को जहां इस बारिश ने राहत की सांस दिलाई, वहीं तेज हवाओं और तूफानी मिजाज ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। मौसम के इस आकस्मिक बदलाव ने पूरे जिले को चौंका दिया और झारखंड मौसम अपडेट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया।

चुनाव के बाद आधी रात को पलट गया मौसम का मिजाज

Jharkhand Weather Update
Jharkhand Weather Update

सोमवार का दिन जमशेदपुर के लिए दोहरी चुनौती लेकर आया था। एक तरफ निकाय चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल था, तो दूसरी तरफ दिनभर की उमस भरी गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर रखा था। शाम ढलते-ढलते जैसे-जैसे मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी, वैसे-वैसे आसमान पर भी बादलों की सेना जुटने लगी।

रात के करीब बारह बजे के बाद मौसम ने पूरी तरह करवट ली। देखते ही देखते आकाश में घने काले बादल छा गए और हवाओं की रफ्तार तेज होने लगी। कुछ ही मिनटों में बिजली की कड़कड़ाहट और आंधी का शोर इतना बढ़ा कि अनेक घरों में लोग नींद से जाग उठे। इसके बाद शुरू हुई झमाझम बारिश ने पूरे माहौल को ही बदल दिया।

मानगो से सोनारी तक , पूरा जमशेदपुर भीगा

Jharkhand weather update इस बार की बारिश किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रही। मानगो, साकची, बिष्टुपुर, कदमा और सोनारी, यानी जमशेदपुर के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र में बारिश ने अपना असर दिखाया। शहर के पूर्वी छोर से लेकर पश्चिमी हिस्से तक सड़कें पानी से भर गईं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

साकची और बिष्टुपुर जैसे व्यावसायिक इलाकों में खुले में रखा सामान भीग गया। मानगो के कई मोहल्लों में जलनिकासी ठप होने से घरों के दरवाजों तक पानी पहुंच गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इतनी तेज बारिश पिछले कई हफ्तों में नहीं हुई थी, इसलिए अचानक हुई इस बरसात ने सबको हैरान कर दिया।

30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं तूफानी हवाएं, हुआ भारी नुकसान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान जमशेदपुर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। यह गति सामान्य हवा से कहीं अधिक थी और इसी कारण शहर में कई जगह नुकसान की खबरें सामने आईं।

तेज आंधी की वजह से कई आवासीय इलाकों में घरों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। छतों पर रखे पानी के टैंक, फूलदान और अन्य सामान धड़ाम से नीचे गिर पड़े। कुछ जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर आ गिरीं, जिससे रात के समय वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली के तार भी कई इलाकों में प्रभावित हुए, जिससे क्षणिक बिजली कटौती की स्थिति बनी। हालांकि किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना अभी तक नहीं आई है।

तापमान में अचानक गिरावट, उमस से मिली राहत

Jharkhand weather update  इस बारिश के बाद शहर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। दिन भर जो उमस और चिपचिपाहट लोगों को परेशान कर रही थी, बारिश के बाद उसकी जगह ताजी और ठंडी हवाओं ने ले ली।

मंगलवार की सुबह जब लोग जागे तो तापमान में काफी कमी महसूस हुई। शहरवासियों ने इसे मौसम का बड़ा बदलाव बताया। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की अचानक बारिश मौसम प्रणाली में हो रहे बड़े बदलावों की ओर इशारा करती है। झारखंड में इस समय मौसम काफी अस्थिर बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह के उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं।

IMD का अलर्ट, आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने Jharkhand weather update जारी करते हुए संकेत दिए हैं कि राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। जमशेदपुर सहित पूर्वी सिंहभूम जिले में आंधी-बारिश की संभावना को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

विभाग के अनुसार वायुमंडलीय दबाव और नमी के संयोजन से बनी यह स्थिति झारखंड के दक्षिणी और मध्यवर्ती हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे खुले स्थानों पर तेज बारिश या आंधी के दौरान बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

निष्कर्ष, झारखंड में मौसम रहेगा अस्थिर

जमशेदपुर में हुई यह रात की बारिश एक संकेत है कि मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है। किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए पहले से तैयार रहें। आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी जल निकासी और बुनियादी ढांचे को लेकर सतर्क रहना होगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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