Best Time To Take Vitamin D Supplements: आजकल शहरी जीवन में रहने वाले अधिकांश लोगों में विटामिन डी की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। धूप में बैठने का समय न मिलना, घर और ऑफिस में बंद रहना और व्यस्त जीवनशैली के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी तेजी से बढ़ रही है। विटामिन डी हमारे शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार करता है। मूड और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।
इस कमी को पूरा करने के लिए बहुत से लोग विटामिन डी की गोलियां और सप्लीमेंट लेते हैं। लेकिन अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि विटामिन डी सप्लीमेंट लेने का सही समय क्या है और इसे कैसे लेना चाहिए। इंस्टाग्राम पर एम्स दिल्ली की डॉक्टर प्रियंका सहरावत जो न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन हैं ने एक महत्वपूर्ण पोस्ट शेयर करके विटामिन डी सप्लीमेंट लेने के सही तरीके और समय के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। डॉक्टर प्रियंका के अनुसार यह जानना बेहद जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट कब और कैसे लेने चाहिए ताकि शरीर में इसका बेहतर अवशोषण हो सके और आपको अधिकतम लाभ मिल सके। आइए विस्तार से समझते हैं विटामिन डी सप्लीमेंट लेने का सही तरीका।
विटामिन डी है फैट सॉल्युबल विटामिन

डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने सबसे पहले यह स्पष्ट किया कि विटामिन डी एक फैट सॉल्युबल यानी वसा में घुलनशील विटामिन है। इसका मतलब यह है कि विटामिन डी पानी में नहीं बल्कि वसा में घुलता है। जब हम भोजन खाते हैं तो उसमें मौजूद वसा या फैट हमारी आंत में पहुंचता है। विटामिन डी इसी आंत में मौजूद वसा में घुलकर रक्त प्रवाह में अवशोषित होता है। इसलिए विटामिन डी का सही तरीके से अवशोषण होने के लिए जरूरी है कि जब आप इसका सप्लीमेंट लें तब आपके पेट में पर्याप्त मात्रा में वसा मौजूद हो।
यदि आप खाली पेट या केवल पानी के साथ विटामिन डी लेते हैं तो इसका अवशोषण बहुत कम होगा। इसका मतलब यह हुआ कि भले ही आप सप्लीमेंट ले रहे हों लेकिन आपके शरीर को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए विटामिन डी को हमेशा भोजन के साथ लेना चाहिए विशेष रूप से ऐसे भोजन के साथ जिसमें वसा की मात्रा हो।
दिन के सबसे बड़े भोजन के साथ लें विटामिन डी
एम्स की डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने सलाह दी है कि विटामिन डी सप्लीमेंट लेने का सबसे उत्तम समय दिन का सबसे बड़ा भोजन है। आमतौर पर भारतीय परिवारों में दोपहर का भोजन या रात का खाना सबसे बड़ा होता है। इन भोजन में अक्सर दाल, सब्जी, चावल, रोटी, दही और अन्य पोषक तत्व होते हैं। इस प्रकार के पूर्ण भोजन में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ वसा मौजूद होती है। दही में प्राकृतिक वसा होती है। सब्जियों को पकाने में उपयोग किए गए तेल या घी में वसा होती है। दाल में भी कुछ मात्रा में वसा पाई जाती है।
जब आप ऐसे संपूर्ण भोजन के साथ विटामिन डी लेते हैं तो आपके पेट में विटामिन डी को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने के लिए सही वातावरण और संरचना मौजूद होती है। डॉक्टर ने विशेष रूप से बताया कि यदि आप स्वस्थ नाश्ता करते हैं जिसमें अंडे, दूध, मक्खन, नट्स या अन्य वसायुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों तो आप नाश्ते के बाद भी विटामिन डी सप्लीमेंट ले सकते हैं। मुख्य बात यह है कि भोजन में पर्याप्त वसा होनी चाहिए।
विटामिन डी के विभिन्न रूप
डॉक्टर प्रियंका ने बताया कि बाजार में विटामिन डी सप्लीमेंट कई अलग अलग रूपों में उपलब्ध हैं। कैप्सूल या गोलियां सबसे आम हैं। शीशियां यानी छोटी बोतलें जिनमें तरल विटामिन डी होता है। सिरप के रूप में विशेष रूप से बच्चों के लिए। घोलकर पीने वाले पाउच या सैशे जो पाउडर के रूप में होते हैं। चबाने वाली गोलियां। प्रत्येक रूप की अपनी विशेषताएं होती हैं लेकिन सभी को भोजन के साथ लेना चाहिए।
कैप्सूल और गोलियों को सीधे भोजन के बाद पानी के साथ निगला जा सकता है। शीशी वाले तरल विटामिन डी को सीधे मुंह में या किसी खाद्य पदार्थ में मिलाकर लिया जा सकता है। सिरप को चम्मच से लिया जाता है। पाउडर या सैशे को किसी तरल पदार्थ में घोलकर पीना होता है।
पानी की बजाय दूध के साथ लें पाउडर
डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने एक बहुत महत्वपूर्ण सुझाव दिया है विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो विटामिन डी के पाउडर या सैशे का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विटामिन डी सप्लीमेंट को पानी की बजाय दूध के साथ लेना कहीं अधिक फायदेमंद है। इसके कई महत्वपूर्ण कारण हैं। पहला कारण यह है कि दूध में प्राकृतिक रूप से स्वस्थ वसा मौजूद होती है। जैसा कि पहले बताया गया विटामिन डी वसा में घुलनशील है इसलिए दूध में मौजूद वसा विटामिन डी के अवशोषण को बेहतर बनाती है।
दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि दूध कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है। कैल्शियम और विटामिन डी एक साथ मिलकर काम करते हैं। यह एक सिनर्जिस्टिक रिश्ता है। जब आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी होता है तो यह आंत से कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। फिर यह कैल्शियम आपकी हड्डियों में जमा होता है और उन्हें मजबूत बनाता है। इसी प्रकार जब कैल्शियम का सेवन अच्छा होता है तो आंत से रक्तप्रवाह में विटामिन डी का अवशोषण भी बेहतर होता है। इस तरह दूध के साथ विटामिन डी लेने से आपको दोनों का संयुक्त लाभ मिलता है।
Best Time To Take Vitamin D Supplements: विटामिन डी लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें
विटामिन डी सप्लीमेंट लेते समय कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खुराक लें। अधिक मात्रा में विटामिन डी लेना हानिकारक हो सकता है। नियमित रूप से लें और किसी दिन छोड़ें नहीं। धूप में भी थोड़ा समय बिताएं। सुबह की हल्की धूप सबसे अच्छी है। विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंडे, मछली, मशरूम भी आहार में शामिल करें।



