Patna Hostel Case: जहानाबाद की NEET-UG की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पटना पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्णय लिया है। बिहार के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) विनय कुमार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल के संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनका लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा। DGP ने यह भी साफ कर दिया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि हॉस्टल संचालिका भविष्य में पटना में किसी भी प्रकार का हॉस्टल संचालन न कर सकें।
पुलिस को सूचना देने में हुई गंभीर लापरवाही

DGP विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में हॉस्टल प्रशासन ने अत्यंत गंभीर लापरवाही बरती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉस्टल प्रशासन की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि किसी भी प्रकार की घटना, चाहे वह सामान्य से सामान्य ही क्यों न हो, की तत्काल सूचना नजदीकी पुलिस थाने को दी जानी चाहिए। हालांकि इस मामले में हॉस्टल संचालकों ने न केवल पुलिस को समय पर सूचित करने में कोताही बरती बल्कि जानकारी देने में काफी विलंब किया।
DGP ने कहा, “NEET छात्रा मामले में पुलिस को सूचना देने में गंभीर कोताही बरती गई और असामान्य रूप से विलंब हुआ। यह अस्वीकार्य है। ऐसी स्थिति में हम हॉस्टल चलाने का लाइसेंस रद्द करने जा रहे हैं।”
पटना में दोबारा हॉस्टल नहीं खोल पाएंगे
DGP विनय कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल लाइसेंस रद्द करना ही पर्याप्त नहीं है। पुलिस विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा कि इस हॉस्टल की संचालिका भविष्य में पटना शहर की सीमा के भीतर किसी भी स्थान पर, किसी भी नाम से कोई हॉस्टल या छात्रावास संचालित न कर सकें। यह निर्णय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
बेटी बचाओ न्याय यात्रा की शुरुआत
इस घटना के विरोध में और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को जहानाबाद में पीड़िता के गांव से ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ की शुरुआत हुई। इस यात्रा का नेतृत्व घोसी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामबली यादव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह न्याय यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर अरवल, नालंदा और औरंगाबाद जिलों से होते हुए 10 फरवरी को पटना में विधानसभा के द्वार पर जाकर समाप्त होगी।
रामबली यादव ने कहा, “बिहार में बेटियों और महिलाओं के साथ जघन्य अपराधों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हो रही हैं जो समाज की संवेदना को झकझोर रही हैं। इन घटनाओं के विरोध और पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय दिलाने की मांग को लेकर यह न्याय यात्रा निकाली गई है।”
एक और NEET छात्रा की संदिग्ध मौत
चिंताजनक बात यह है कि पटना में एक और NEET की तैयारी कर रही छात्रा की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में भी पीड़िता के परिजनों ने कई प्रकार की आशंकाएं व्यक्त की हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोनों घटनाओं ने बिहार में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
पुलिस दोनों मामलों को आत्महत्या बता रही है, लेकिन पीड़ित परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं हैं। वे स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध
बिहार के विभिन्न जिलों में महिलाओं और किशोरियों के विरुद्ध अपराधों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। चुनाव के समय सभी राजनीतिक दलों द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर किए गए वादों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों से यह मांग उठ रही है कि सरकार बेटियों की सुरक्षा के मामले में अधिक गंभीरता दिखाए और ठोस कदम उठाए।
Patna Hostel Case: न्याय यात्रा की मांगें
बेटी बचाओ न्याय यात्रा के आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी:
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त्वरित कार्रवाई: दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई
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निष्पक्ष जांच: मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना
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सुरक्षा सुधार: हॉस्टल और छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों का क्रियान्वयन
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जवाबदेही तय करना: लापरवाही बरतने वाले सभी संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई
यह घटनाएं बिहार में छात्राओं की सुरक्षा की चुनौती को उजागर करती हैं और सभी संबंधित पक्षों से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग करती हैं।



