यूपी:लखनऊ में अपनी मां और चार बहनों की निर्मम हत्या के आरोपी अरशद ने पुलिस के सामने चौंकाने वाले बयान दिए हैं। अरशद ने दावा किया है कि उसने यह कदम अपनी बहनों और मां को गली-मोहल्ले के मुसलमानों के उत्पीड़न और अन्याय से बचाने के लिए उठाया।
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आरोपी के बयान
अरशद ने बताया कि उसके मोहल्ले में रहने वाले कुछ मुसलमान हथियार, ड्रग्स, नकली नोट और लड़कियों की तस्करी जैसे आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहनों पर मोहल्ले के लोगों की बुरी नजर थी और वे उसे झूठे मामलों में फंसाकर उसकी बहनों को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलना चाहते थे।
अरशद ने दावा किया कि वह इन हालातों से परेशान होकर अपनी बहनों और मां को इन खतरों से बचाने के लिए हत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हुआ। उसने अपने बयान में कहा कि वह धर्म परिवर्तन करना चाहता था और अपने घर में मंदिर बनवाने की ख्वाहिश रखता था।
इतिहास की तुलना
अरशद ने 1947 के बंटवारे के समय की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कई माता-पिता ने अपनी बेटियों को संभावित उत्पीड़न से बचाने के लिए जहर दे दिया था। उसने अपनी हरकत को उसी ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ा।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। उसकी मानसिक स्थिति और दिए गए बयानों की सत्यता की भी जांच की जा रही है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
समाज में हलचल
इस हत्याकांड ने समाज में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। अरशद के आरोपों की जांच के साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इन परिस्थितियों में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

