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गोवा अग्निकांड के मुख्य आरोपी लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड में गिरफ्तार, हथकड़ी और पासपोर्ट

वाराणसी – गोवा के बिर्च नाइट क्लब में अग्निकांड के पांचवें दिन, गुरुवार को क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड में हिरासत में लिया गया है। थाइलैंड पुलिस ने दोनों भाइयों की तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें उनके हाथों में हथकड़ी लगी है। वे अपने पासपोर्ट पकड़े हुए हैं।सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों की एक टीम थाईलैंड के लिए रवाना हो चुकी है और 24 घंटे के भीतर लूथरा ब्रदर्स को वापस लेकर आएगी। संभावना है कि भारत लाने के बाद गोवा पुलिस दोनों को अपनी हिरासत में लेगी।बिर्च नाइट क्लब में 6 दिसंबर को आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद दोनों भाई भारत छोड़कर थाईलैंड फरार हो गए थे। दोनों पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

गोवा अग्निकांड मामले में आज के अपडेट्स-

. नॉर्थ गोवा जिला प्रशासन ने नाइट क्लबों, होटलों और उन जगहों पर आतिशबाजी पर बैन लगा दिया है, जहां पर पर्यटकों का आना-जाना हो। नाइट क्लब में इलेक्ट्रिक पटाखों से ही आग लगी थी।

. दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में लूथरा ब्रदर्स की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।

. गोवा पुलिस ने लूथरा ब्रदर्स के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 10ए के तहत केंद्र सरकार या उसका नियुक्त अधिकारी किसी का पासपोर्ट सस्पेंड कर सकता है।

. दिल्ली फायर सर्विस ने गोवा की घटना और क्रिसमस-न्यू ईयर सेलिब्रेशन को देखते हुए सभी रेस्टोरेंट, होटल और क्लब जैसे सार्वजनिक जगहों पर फायर सेफ्टी की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

लूथरा बद्रर्स ने आग लगने के समय थाईलैंड के टिकट बुक किए थे

जांच एजेंसियों के मुताबिक, सौरभ और गौरव लूथरा ने थाईलैंड के लिए फ्लाइट टिकट उस समय बुक किए, जब गोवा में उनके नाइट क्लब में फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रही थीं।अधिकारियों ने बताया कि लूथरा भाइयों ने 6-7 दिसंबर की रात 1:17 बजे ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी की वेबसाइट पर लॉग इन किया था। दोनों सुबह 5:30 बजे इंडिगो फ्लाइट 6E 1073 से दिल्ली से फुकेट के लिए रवाना हो गए।

इंटरपोल ने मालिकों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था

गोवा पुलिस ने विदेश मंत्रालय और CBI के जरिए इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन (Interpol) से उनकी गिरफ्तारी की अपील की थी। इसके बाद इंटरपोल ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था।लूथरा ब्रदर्स, उनके बिजनेस पार्टनर, मैनेजर और कुछ कर्मचारी दिल्ली के रहने वाले हैं। इसलिए, गोवा पुलिस के साथ अब दिल्ली पुलिस भी अग्निकांड मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में भी एक केस दर्ज किया गया है।

कोर्ट में लूथरा बद्रर्स की दलील- देश लौटना चाहते हैं

लूथरा ब्रदर्स ने बुधवार को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में अग्रमि जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर कल सुनवाई हुई। आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि दोनों भाई अपने काम के सिलसिले में थाईलैंड गए थे और अब भारत लौटना चाहते हैं।दोनों भाइयों ने अग्रिम जमानत की मांग करते हुए कहा कि भारत पहुंचने पर हमें गिरफ्तार किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि गोवा की एक अदालत ने उनके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया था।

लूथरा ब्रदर्स का बिजनेस पार्टनर सहित अबतक 6 गिरफ्तार

नाइट क्लब अग्निकांड मामले में पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें नाइट क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया, गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर और कर्मचारी भरत कोहली शामिल हैं।पुलिस ने बुधवार को क्लब के 4 मालिकों में से एक, अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया। वह मूलरूप से जम्मू का निवासी है, लेकिन दिल्ली में रहता है। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने गुप्ता को 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा। आरोपी को बुधवार रात दिल्ली से गोवा लाया गया।

निष्कर्ष:

गोवा के नाइटक्लब अग्निकांड में लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 6 दिसंबर को ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब में लगी आग से 25 लोगों की मौत हो गई, जो सुरक्षा मानकों की लापरवाही को उजागर करती है। सौरभ और गौराव लूथरा ने घटना के तुरंत बाद थाईलैंड भागने के टिकट बुक कराए, लेकिन भारतीय सरकार के प्रयासों से उनके पासपोर्ट निलंबित हो गए। थाई पुलिस ने फुकेत के होटल से उन्हें हथकड़ियों में गिरफ्तार किया, जहां वे पासपोर्ट थामे फोटो में दिखे। इंटरपोल नोटिस और कूटनीतिक सहयोग से डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह घटना नाइटक्लब मालिकों की जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही पर सवाल उठाती है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहकार्य की ताकत दर्शाती है। पीड़ितों को न्याय मिलना सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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