Umar Khalid Bail: 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को दिल्ली की एक अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है। यह जमानत उनकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 11 दिसंबर 2025 को यह फैसला सुनाया। उमर 16 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक जेल से बाहर रह सकेंगे। अदालत ने कहा कि शादी असली बहन की है, इसलिए यह मांग सही है। उमर ने 14 दिसंबर से जमानत मांगी थी, लेकिन अदालत ने 16 से शुरू की। यह फैसला परिवार के मौके पर इंसानियत दिखाता है। उमर के वकील ने कहा कि यह छोटी राहत है, लेकिन जरूरी।
दिल्ली दंगों का केस: चार साल से जेल में
उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर दिल्ली दंगों में साजिश रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने उन पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून) के तहत केस दर्ज किया। इसमें दंगा भड़काना, अवैध जमावड़ा और आपराधिक साजिश जैसे इल्जाम हैं। उमर जेएनयू के पूर्व छात्र हैं और वे कहते हैं कि वे निर्दोष हैं। चार साल से वे तिहाड़ जेल में बंद हैं। अदालत ने कहा कि शादी का मौका महत्वपूर्ण है, इसलिए जमानत दी जा रही है। लेकिन यह पूरी बरी नहीं, सिर्फ अंतरिम है। उमर के समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं।
जमानत की शर्तें: सोशल मीडिया पर पाबंदी
अदालत ने सख्त शर्तें लगाई हैं। उमर को 20 हजार रुपये का पर्सनल बॉन्ड और दो जमानतदार देने होंगे। वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। संपर्क सिर्फ परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों तक सीमित रहेगा। रहना सिर्फ घर या शादी वाले जगह पर। शादी 27 दिसंबर को है। अदालत ने कहा, “शादी असली बहन की है, इसलिए आवेदन मंजूर। लेकिन शर्तों का पालन जरूरी। उमर के वकील ने कहा कि वे सभी नियम मानेंगे। यह जमानत दंगों के केस में एक नया मोड़ है। हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में उमर की रेगुलर बेल की सुनवाई चल रही है।



