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MAHARASHTRA POLITICS BREAKING: शरद पवार बदलेंगे पाला? परिसीमन-महिला आरक्षण पर सरकार को समर्थन के संके

Mumbai/ Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल है। एनसीपी (शरद पवार गुट) में अंदरूनी बगावत तेज होने के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार मानसून सत्र से पहले बड़ा फैसला ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA में शामिल हो सकते हैं।

पार्टी में छह सांसदों और आधे से अधिक विधायकों के बगावती सुर के बाद शरद पवार अपनी पार्टी को टूट से बचाने के लिए रणनीतिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में पार्टी संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन कर सकती है।

CM फडणवीस से जयंत पाटिल की मुलाकात

मंगलवार देर रात एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुपचुप मुलाकात की। इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर एनसीपी (एसपी) सरकार के पक्ष में मतदान करेगी।

इससे पहले शरद पवार की मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की भी काफी चर्चा हुई थी। वहीं दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ एकनाथ शिंदे और शिवसेना यूबीटी के बागी सांसदों की मैराथन बैठक भी हुई।

सुप्रिया सुले ने रखी शर्त

शरद पवार की बेटी और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी बुधवार को सरकार को समर्थन के संकेत दिए। हालांकि उन्होंने एक शर्त रखी।

सुप्रिया सुले ने कहा, “परिसीमन बिल पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। यदि विधेयक में हर राज्य में लोकसभा की 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रावधान होता है, तभी हम समर्थन कर सकते हैं।” उन्होंने महिला आरक्षण बिल को भी सैद्धांतिक रूप से सही बताया।

सरकार को मिलेगा दो-तिहाई समर्थन

भाजपा सूत्रों का कहना है कि फडणवीस-जयंत पाटिल की बैठक में एक बात तय हो गई है कि एनसीपी (एसपी) महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में वोट करेगी।

सरकार मानसून सत्र में इन दोनों विधेयकों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई समर्थन जुटाने में जुटी है। ऐसे में एनसीपी (एसपी) का समर्थन सरकार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

विपक्षी एकता को झटका

तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिवसेना यूबीटी में टूट के बाद अब एनसीपी (एसपी) के संभावित पाला बदलने से मानसून सत्र से पहले विपक्षी एकता को एक और बड़ा झटका लग सकता है।शरद पवार के करीबी नेताओं का कहना है कि पार्टी में बगावत रोकने और संगठन को बचाने के लिए NDA का समर्थन एकमात्र विकल्प है।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

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