Kolkata/ West Bengal: बंगाल में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक `कम दबाव का क्षेत्र Low Pressure Area` बन गया है। इसके असर से गुरुवार 16 जुलाई को पूरे पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग `IMD` ने दक्षिण बंगाल के कई जिलों के लिए `ऑरेंज अलर्ट` जारी किया है। कुछ जिलों में `बहुत भारी वर्षा 70-200mm` तक हो सकती है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश*
70 से 200 मिमी वर्षा की संभावना:
- पूर्व मेदिनीपुर
- पश्चिम मेदिनीपुर
- झारग्राम
- बांकुड़ा
- पुरुलिया
70 से 110 मिमी वर्षा की चेतावनी:
- कोलकाता
- हावड़ा
- हुगली
- उत्तर 24 परगना
- दक्षिण 24 परगना
इन जिलों में तेज आंधी और वज्रपात की भी चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर बंगाल का हाल
पहाड़ी जिलों दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बंगाल के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
बारिश से क्या होगा असर
IMD ने 3 बड़ी समस्याओं की आशंका जताई है:
- जलभराव: कोलकाता और अन्य शहरों के निचले इलाकों, अंडरपास में पानी भर सकता है
- कृषि को नुकसान: तेज हवा और बारिश से खड़ी फसल और बागवानी प्रभावित होगी
- वज्रपात का खतरा: खुले मैदानों में आकाशीय बिजली गिर सकती है
सुरक्षा एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है
- आंधी-तूफान के समय पक्के मकान में रहें
- पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों
- जल स्रोतों से दूरी बनाएं
- जलभराव वाले इलाकों में गाड़ी धीरे चलाएं
- मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
बंगाल के लोग ध्यान दें! आज भारी बारिश और आंधी की चेतावनी। जरूरी न हो तो घर से न निकलें। 1090 – Disaster Helpline`


