Missing Policemen: कानपुर कमिश्नरेट में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। महाकुंभ ड्यूटी के बाद करीब 161 पुलिसकर्मी पिछले छह महीनों से लापता हैं। पुलिस विभाग के अनुसार, ये पुलिसकर्मी न तो अपने घर के पते पर मिल रहे हैं और न ही अपने गांवों में। इनके मोबाइल फोन भी बंद हैं, जिसके कारण इनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। इस घटना ने पुलिस प्रशासन को परेशानी में डाल दिया है।
Missing Policemen: कौन-कौन हैं लापता पुलिसकर्मी?
पुलिस विभाग ने लापता पुलिसकर्मियों की एक सूची तैयार की है, जिसमें अलग-अलग कारणों से गायब होने वाले जवानों की जानकारी दी गई है।
41 पुलिसकर्मी: ये जवान अलग-अलग ड्यूटी पर जाने के बाद से गायब हैं।
39 पुलिसकर्मी: विभागीय कार्रवाई के बाद से ये ‘डिसलोकेट’ यानी गैर-हाजिर हैं।
34 पुलिसकर्मी: छुट्टी लेने के बाद ये ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे।
27 पुलिसकर्मी: बीमारी की छुट्टी लेकर गए, लेकिन अब तक वापस नहीं आए।
20 पुलिसकर्मी: छह महीने से अधिक समय से अपने गैर-जिलों से वापस नहीं लौटे।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने इन लापता पुलिसकर्मियों को ढूंढने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभाग ने इन सभी को दो बार नोटिस भेजा, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया। इसके अलावा, इन पुलिसकर्मियों के घर और गांव में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इस मामले की जानकारी यूपी पुलिस हेडक्वार्टर को भी भेज दी है। डीसीपी मुख्यालय एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पुलिस लाइन में करीब 35 पुलिसकर्मी गैर-हाजिर हैं, और अन्य जोनों से डेटा इकट्ठा करने के बाद पूरी संख्या स्पष्ट होगी।
क्यों हो रही है यह समस्या?
पुलिस विभाग में छुट्टियां लेना आसान नहीं होता। कई बार पुलिसकर्मी पारिवारिक या व्यक्तिगत कारणों से छुट्टी के बाद वापस नहीं लौटते। कुछ जवान मेडिकल आधार पर छुट्टी लेते हैं, लेकिन बाद में ड्यूटी जॉइन नहीं करते। ऐसे मामलों में विभाग नोटिस भेजता है, और जवाब न मिलने पर इन्हें ‘डिसलोकेट’ की श्रेणी में डाल दिया जाता है।



