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Navratri Day 2: माता ब्रह्मचारिणी को क्या चढ़ाएं भोग? जानें पंचामृत और मावा बर्फी की आसान रेसिपी

Navratri Day 2: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर दिन एक खास देवी की उपासना होती है और हर दिन का अपना अलग महत्व होता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना की देवी हैं। कहा जाता है कि माता ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से उन्हें ‘ब्रह्मचारिणी’ कहा जाता है।

मान्यता है कि माता ब्रह्मचारिणी की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्त को मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में सफलता मिलती है। परीक्षा में बैठने वाले छात्र और कठिन समय से गुजर रहे लोग खासतौर पर इस दिन माता की उपासना करते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप कैसा है?

माता ब्रह्मचारिणी का रूप बेहद सौम्य और तेजस्वी माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं, जो पवित्रता और शांति का प्रतीक है।

इसी वजह से इस दिन भक्तों को भी सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने की सलाह दी जाती है। साथ ही माता को भोग में भी सफेद रंग की चीजें जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद मिठाई चढ़ाना शुभ माना जाता है।

माता ब्रह्मचारिणी को क्या चढ़ाएं भोग?

शास्त्रों के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी को चीनी, पंचामृत या मावा से बनी मिठाई का भोग चढ़ाना सबसे ज्यादा फलदायी माना गया है। इन्हें घर पर बहुत आसानी से और कम समय में तैयार किया जा सकता है।

आज हम आपके लिए दो खास रेसिपी लेकर आए हैं-

  1. पंचामृत: जो पूजा में सबसे पवित्र भोग माना जाता है
  2. मावा बर्फी: जो माता को मिठाई के रूप में अर्पित की जाती है

पंचामृत क्या होता है और क्यों है खास?

पंचामृत पाँच पवित्र चीजों से मिलकर बनता है, दूध, दही, शहद, घी और चीनी। ‘पंच’ यानी पाँच और ‘अमृत’ यानी जीवन देने वाला। हिंदू पूजा-पाठ में पंचामृत का बड़ा महत्व है। इसे देवताओं का पेय माना जाता है और इससे मूर्ति का अभिषेक भी किया जाता है। पंचामृत को प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा भी जाता है।

पंचामृत बनाने की सामग्री

  • 1 कटोरी गाय का दूध
  • आधा कटोरी ताजा दही
  • 1 चम्मच शहद
  • 1 चम्मच देसी घी
  • 1 चम्मच चीनी
  • (इच्छानुसार) मखाने, चिरौंजी और किशमिश

पंचामृत बनाने की आसान विधि

स्टेप 1: पंचामृत बनाने से पहले स्नान कर लें, क्योंकि इसे पवित्र अवस्था में बनाना जरूरी होता है।

स्टेप 2: एक साफ और बड़े कटोरे में गाय का ताजा दूध लें।

स्टेप 3: इसमें देसी घी, शहद और दही को अच्छी तरह मिला लें।

स्टेप 4: अब इसमें चीनी डालें और तब तक हिलाते रहें जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए।

स्टेप 5: अगर आप चाहें तो ऊपर से मखाने, चिरौंजी और किशमिश भी डाल सकते हैं। इससे पंचामृत और भी पौष्टिक और सुंदर दिखता है।

बस, आपका पंचामृत तैयार है। इसे माता ब्रह्मचारिणी को अर्पित करें और बाद में प्रसाद के रूप में परिवार में बाँटें।

ध्यान रखें: पंचामृत में इस्तेमाल होने वाला दूध हमेशा गाय का होना चाहिए और शहद असली होना चाहिए। पैकेट वाले दूध की जगह ताजा दूध का इस्तेमाल ज्यादा शुभ माना जाता है।

मावा बर्फी क्यों है इस दिन खास?

माता ब्रह्मचारिणी को मीठा बेहद प्रिय है। मावा यानी खोया से बनी बर्फी सफेद रंग की होती है, जो इस दिन के लिए बिल्कुल सही भोग है। यह बर्फी बनाना बेहद आसान है और इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता।

मावा बर्फी बनाने की सामग्री

  • 250 ग्राम मावा (खोया)
  • 30 ग्राम देसी घी
  • 250 ग्राम पिसी हुई शक्कर (चीनी पाउडर)
  • 1 चम्मच इलायची पाउडर

मावा बर्फी बनाने की पूरी विधि

स्टेप 1 मावा भूनें: एक कड़ाही या मोटे तले वाले पैन में देसी घी गर्म करें। इसमें मावा डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। मावे को तब तक भूनें जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से अच्छी खुशबू न आने लगे।

स्टेप 2 इलायची मिलाएं: जब मावा हल्का भूरा हो जाए, तब गैस बंद कर दें। इसमें इलायची पाउडर डालें और अच्छी तरह मिला लें। इलायची बर्फी को एक खास सुगंध देती है।

स्टेप 3 ठंडा करें: मावे को कुछ देर के लिए ठंडा होने दें। यह जरूरी है क्योंकि गर्म मावे में चीनी डालने पर वह पिघल जाती है और बर्फी सही से सेट नहीं होती।

स्टेप 4 चीनी मिलाएं: जब मावा पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब उसमें पिसी हुई चीनी डालें और अच्छी तरह मिक्स करें। मिश्रण को तब तक मलें जब तक वह एकदम स्मूद और मुलायम न हो जाए।

स्टेप 5 सेट करें: एक थाली या प्लेट में हल्का घी लगाकर उसे चिकना कर लें। तैयार मिश्रण को उसमें समान रूप से फैलाएं और ऊपर से हथेली से हल्का दबाकर सेट करें।

स्टेप 6 काटें और परोसें: लगभग 30 मिनट बाद जब बर्फी सेट हो जाए, तो इसे चाकू से मनचाहे आकार में काट लें चौकोर, हीरे के आकार में या जैसा चाहें। अब इस सुंदर और सुगंधित बर्फी को माता रानी को भोग के रूप में अर्पित करें।

टिप: अगर बर्फी को और सुंदर बनाना हो तो ऊपर से चाँदी का वर्क या पिस्ते के टुकड़े लगा सकते हैं।

नवरात्रि पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि के दौरान भोग बनाते समय कुछ जरूरी बातें याद रखें:

  • साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। भोग हमेशा नहाने के बाद और साफ बर्तनों में बनाएं।
  • भोग में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल न करें। नवरात्रि में तामसिक चीजें वर्जित मानी जाती हैं।
  • भोग चढ़ाते समय मन में माता का ध्यान करें और उनसे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
  • प्रसाद घर के सभी सदस्यों में जरूर बाँटें।

निष्कर्ष

नवरात्रि का हर दिन अपने आप में खास होता है। माता ब्रह्मचारिणी की पूजा हमें यह सिखाती है कि सच्ची लगन और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। इस दिन घर पर ही बनाया गया पंचामृत या मावा बर्फी का भोग माता को जरूर चढ़ाएं। श्रद्धा से चढ़ाया गया यह भोग माता को सबसे ज्यादा प्रिय होता है और भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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