Navratri Samagri: शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की जाती है। इस दौरान फूल, कलश, जौ, नारियल, चुनरी और अन्य सामग्री इस्तेमाल होती है। पूजा समाप्त होने के बाद कई लोगों के मन में सवाल आता है कि इन बची हुई चीजों का क्या किया जाए। परंपरा में इन्हें सम्मानपूर्वक और साफ-सुथरे तरीके से हटाने पर जोर दिया जाता है।
अलग-अलग घरों और क्षेत्रों में रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं। इसलिए घर की परंपरा और स्थानीय रीति का ध्यान रखते हुए सामग्री को हटाना बेहतर माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि सामग्री को गंदगी या नालियों में न फेंका जाए।
पूजा में चढ़ाए गए फूलों का क्या करें?
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को लाल फूल और मालाएं चढ़ाई जाती हैं। पूजा के बाद इन्हें इधर-उधर फेंकने के बजाय साफ जगह पर मिट्टी में दबाया जा सकता है। कई लोग इन्हें घर में खाद बनाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। परंपरा में माना जाता है कि पूजा के फूलों को नाली या कूड़े के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
कलश के पानी और जौ को कैसे हटाएं?
कलश स्थापना नवरात्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है। पूजा पूरी होने के बाद कलश का पानी घर में छिड़काव करने या पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कलश में सुपारी या सिक्के रखे गए हैं तो उन्हें अलग करके साफ कर लें। पानी को गंदे स्थान पर न डालें।
कई घरों में कलश के पास जौ बोए जाते हैं। परंपरा में जौ का उगना शुभ माना जाता है। नवरात्र के बाद जौ को गमले या बगीचे की मिट्टी में दबाया जा सकता है। अगर पौधे लंबे हो गए हैं तो उन्हें सावधानी से काटकर साफ जगह पर रखा जा सकता है।
नारियल, प्रसाद और चुनरी का क्या करें?
मां दुर्गा को चढ़ाया गया नारियल और प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटा जा सकता है। परंपरा में पूजा का प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है। खाने योग्य सामग्री को खराब होने से पहले इस्तेमाल कर लें। अगर कोई चीज खराब हो गई हो तो उसे उचित तरीके से अलग कर दें।
लाल चुनरी और अन्य वस्त्र अगर अच्छी स्थिति में हों तो संभालकर रखे जा सकते हैं। अगर दोबारा इस्तेमाल नहीं करना है तो इन्हें जरूरतमंद को दिया जा सकता है। फटे या खराब कपड़ों को अलग करके सही तरीके से निपटाएं।
कलश, दीपक, बर्तन और हवन की राख कैसे संभालें?
पूजा के बाद कलश, दीपक और बर्तनों को अच्छी तरह साफ करके सुखा लें। इन्हें पूजा घर में रख दें ताकि अगली बार इस्तेमाल हो सके। दीपक में बचा तेल या घी सावधानी से अलग करें। जलता दीपक बिना ध्यान के न छोड़ें।
हवन करने वाले घरों में राख बच जाती है। राख पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही इकट्ठा करें। प्लास्टिक या अन्य गैर-प्राकृतिक चीजें अलग कर दें। साफ और ठंडी राख को स्थानीय नियमों के अनुसार मिट्टी में मिलाया जा सकता है। गर्म राख को न छुएं।
नवरात्र सामग्री हटाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सामग्री को हमेशा सम्मान और साफ-सफाई के साथ हटाएं। फूल और पत्तियों को मिट्टी में दबाएं या खाद में इस्तेमाल करें। कलश का पानी पौधों में डाल सकते हैं। प्रसाद परिवार और अन्य लोगों में बांटें। बर्तन साफ करके सुरक्षित जगह पर रखें। प्लास्टिक और अन्य कचरे को जल में न डालें। पूजा सामग्री को नदी, तालाब या नालियों में डालने से बचें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर परिवार अपनी परंपरा और स्थानीय रीति का पालन करे। सामग्री को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हटाना बेहतर माना जाता है। इससे पूजा का समापन भी सम्मानजनक रहता है।
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घोषणा: इस खबर में दी गई पूजा तिथि, मुहूर्त और धार्मिक नियम पंचांग एवं प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा के मुहूर्त में शहर और स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि पूजा-अनुष्ठान से जुड़ी किसी भी विशेष जानकारी के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से पुष्टि करें। News Media Kiran किसी धार्मिक मान्यता को व्यक्तिगत या वैज्ञानिक सलाह के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।
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