Top 5 This Week

Related Posts

Protest against the Waqf bill expressed by tying black bands on arms:जमशेदपुर में अलविदा जुमा की नमाज अदा, रोजेदारों ने नम आंखों से रमजान को किया विदा,

जमशेदपुर: भीषण गर्मी के बावजूद शहर की मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। शुक्रवार को 39 डिग्री सेल्सियस की तपिश के बावजूद रोजेदारों की आस्था डगमगाई नहीं। मानगो की बारी मस्जिद समेत शहर की कई मस्जिदों में नमाजी सड़क पर खड़े होकर भी नमाज पढ़ते नजर आए। साकची जामा मस्जिद में लगभग 10 हजार लोगों ने जुमा की नमाज अदा की। इस दौरान रोजेदारों ने नम आंखों से रमजान के आखिरी जुमे को विदा किया और दुआ की कि परवरदिगार अगले साल फिर इस पाक महीने से नवाजे।
वक्फ बिल का विरोध, बांहों पर काली पट्टी बांधकर जताया रोष
नमाज के दौरान कई नमाजियों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर वक्फ बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार की नीयत को लेकर संदेह जताया। मस्जिदों में आए लोगों ने एकता और अमन बनाए रखने की अपील की और वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया।
शहरभर की मस्जिदों में अदा की गई अलविदा जुमा की नमाज
शहर की कई मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई, जिनमें प्रमुख रूप से साकची जामा मस्जिद, मस्जिद-ए-रहमान (साकची), आमबगान मस्जिद, धतकीडीह मस्जिद, मक्का मस्जिद, शास्त्रीनगर की फारुखी मस्जिद, शास्त्रीनगर की अहले हदीस मस्जिद, मानगो की बारी मस्जिद, मदीना मस्जिद, जाकिर नगर की शिया उम्मे खलील जामा मस्जिद, इमाम हुसैनी मस्जिद, ओल्ड पुरुलिया रोड की अहले हदीस मस्जिद, एकरा कॉलोनी मस्जिद, कपाली की मस्जिद-ए-हाजरा, बागानशाही मस्जिद, शबीना मस्जिद और मस्जिद-ए-उम्मे जमील (कपाली) शामिल हैं।
ईद पर फितरे की रकम निकालने की अपील
धतकीडीह की मक्का मस्जिद में पेश इमाम ने नमाज के दौरान बताया कि ईद की नमाज से पहले फितरे की रकम निकालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह रकम गरीबों तक जल्द से जल्द पहुंचनी चाहिए ताकि वे भी खुशी से ईद मना सकें। मानगो की बारी मस्जिद के मौलाना ने नमाजियों को इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन, शांति और इंसानियत सिखाता है, इसलिए सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
खुतबे में आत्ममंथन का संदेश
शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जकी हैदर ने खुतबे में लोगों से आत्ममंथन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सोचना चाहिए कि रमजान के इस पाक महीने में उसने अपनी निजात और मगफिरत हासिल करने के लिए कितना प्रयास किया। रोजे और नमाजें केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अल्लाह की इबादत के लिए होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आमाल का सवाब नीयत के अनुसार मिलता है, इसलिए इबादत सच्चे दिल से करनी चाहिए।
अमन और भाईचारे के साथ मनाएं ईद
नमाज के दौरान उलेमा ने सभी को ईद को अमन, शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए जिससे समाज में अशांति फैले। ईद एकता और सौहार्द का त्योहार है, जिसे सभी को मिलकर मनाना चाहिए।
newsmedia kiran.com
Author: newsmedia kiran.com

Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.

newsmedia kiran.com
newsmedia kiran.comhttps://newsmediakiran.com/
Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles