Rajya Sabha Election 2026: देश के तीन बड़े राज्यों में आज राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आए। बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सभी पाँचों सीटें जीत लीं। ओडिशा में मतदान के दौरान BJP और BJD विधायकों के बीच हाथापाई की खबर आई। हरियाणा में मतगणना शुरू होने से पहले ही दोनों बड़े दलों ने एक दूसरे के विधायकों के मत पर आपत्ति जता दी।
बिहार में NDA की ऐतिहासिक जीत
बिहार में राज्यसभा की पाँच सीटों पर हुए चुनाव में NDA ने शानदार प्रदर्शन किया। गठबंधन के सभी पाँचों उम्मीदवार विजयी घोषित हुए। बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं और NDA के पास 202 विधायकों का समर्थन था। एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत थी।
BJP उम्मीदवार शिवेश राम ने जीत के बाद कहा कि हमारे 202 विधायक एकजुट थे। उन्होंने कहा कि दूसरी वरीयता का मत सिर्फ NDA के पास था, महागठबंधन के पास नहीं था। यही हमारी जीत का सबसे बड़ा कारण है। RJD नेताओं ने दावा किया था कि उनके विधायकों को होटल में रखा गया है, लेकिन शिवेश राम ने पूछा कि अब वे कहाँ गए यह तो वे ही बता सकते हैं।
Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस के विधायक मतदान से क्यों रहे दूर
बिहार में मतदान के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक वोट डालने नहीं पहुँचे। इनमें सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास के फोन भी बंद बताए गए। राजद के विधायक फैसल रहमान से भी पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि उन्होंने 13 मार्च को सभी विधायकों से संपर्क किया था और सभी एकजुट थे। 12 मार्च की बैठक में भी सभी ने गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान की सहमति दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ऑपरेशन लोटस जैसी रणनीति अपनाती है।
महागठबंधन की रणनीति क्यों विफल रही
राजद नेता तेजस्वी यादव ने सुबह दावा किया था कि AIMIM और BSP के विधायकों के समर्थन से उनकी संख्या 41 हो गई है। उन्होंने कहा था कि BJP के सामने झुकने के बजाय मुकाबला करने का फैसला किया। लेकिन कांग्रेस विधायकों के गायब रहने और महागठबंधन के भीतर अव्यवस्था के कारण यह रणनीति काम नहीं आई।
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज RJD और कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया। उन्होंने कहा कि उनके अपने विधायकों ने ही वोट देने से मना कर दिया। NDA का शत प्रतिशत मतदान हुआ।
जीतन राम मांझी और चिराग पासवान का बयान
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब पैसा लेकर टिकट बेचा जाएगा तो विधायक फोन बंद करेंगे ही। उन्होंने जय NDA, तय NDA लिखकर गठबंधन की जीत पर खुशी जताई। वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वोटिंग के दौरान विपक्ष में अव्यवस्था साफ दिखाई दी।
Rajya Sabha Election 2026: ओडिशा में BJP और BJD विधायकों में हाथापाई
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों पर पाँच उम्मीदवार मैदान में थे। यहाँ मतदान के दौरान BJP और BJD विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। इस घटना ने ओडिशा के सियासी माहौल को गर्म कर दिया।
ओडिशा विधानसभा में 147 सीटें हैं और एक सीट जीतने के लिए 30 वोट जरूरी हैं। BJP के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत पहले से तय मानी जा रही थी। BJD के पास 48 वोट हैं और उसने संत्रुप्त मिश्रा तथा दत्तेश्वर होता को उतारा है। मिश्रा की जीत तय है लेकिन चौथी सीट पर मुकाबला कड़ा रहा।
ओडिशा में क्रॉस वोटिंग की खबरें
ओडिशा में क्रॉस वोटिंग की खबरें भी सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के तीन विधायकों दासरथी गोमांगो, सोफिया फिरदौस और रमेश जेना के साथ BJD के दो विधायकों सौभिक बिस्वाल और चक्रमणि कंअर ने अपनी पार्टी के निर्देश के विरुद्ध मतदान किया। इससे ओडिशा के नतीजों में बदलाव की संभावना बन गई।
हरियाणा में मतगणना से पहले विवाद
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। यहाँ 90 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए 31 वोट जरूरी हैं। BJP के 48 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल में मुकाबला है।
मतगणना शुरू होने से पहले BJP ने कांग्रेस के दो विधायकों भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के मत पर आपत्ति जताई। इन दोनों ने वोट बिना फोल्ड किए जमा किए बताए गए। कांग्रेस ने भी BJP के एक विधायक के मत पर सवाल उठाया। आपत्तियों के निपटारे के बाद ही मतगणना आगे बढ़ाई जाएगी।
इनेलो ने क्यों किया मतदान से परहेज
हरियाणा की दो सीट वाली इनेलो ने राज्यसभा चुनाव से दूरी बना ली। पार्टी प्रमुख अभय चौटाला ने कहा कि जनता की आवाज पर यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि अगर निर्दलीय को वोट देते तो खरीद फरोख्त का आरोप लगता और कांग्रेस को वोट देना भी पार्टी के हित में नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि क्रॉस वोटिंग एक पाप है और इस पर कानून बनाया जाना चाहिए।
हरियाणा में कांग्रेस पर क्रॉस वोटिंग का साया
हरियाणा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं जो जीत के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन 2016 और 2022 में भी ऐसा हो चुका है जब पर्याप्त संख्याबल के बावजूद कांग्रेस का उम्मीदवार हार गया था। इस बार भी क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी रही।
हरियाणा के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि संजय भाटिया 100 प्रतिशत जीत रहे हैं। वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि उनके सभी 37 विधायक पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे।
राज्यसभा में NDA की बढ़ेगी ताकत
10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर हुए इस चुनाव में 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। बाकी 11 सीटों पर बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मतदान हुआ। अनुमान है कि इन चुनावों के बाद NDA को कुल 8 अतिरिक्त राज्यसभा सीटें मिलेंगी जिससे उसका कुल आंकड़ा 129 तक पहुँच सकता है। यह संख्या राज्यसभा में बहुमत के 122 के आँकड़े से अधिक होगी।
अनंत सिंह एंबुलेंस से पहुँचे वोट डालने
बिहार में JDU नेता अनंत कुमार सिंह एंबुलेंस से विधानसभा पहुँचे और वोट डाला। बाद में उन्हें वापस जेल ले जाया गया। उन्होंने भी NDA की सभी पाँचों सीटों पर जीत का दावा किया था। इस दृश्य ने बिहार की राजनीतिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
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