RBSE 10th Result 2026: राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी RBSE ने आज 24 मार्च 2026 को 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। लाखों छात्र-छात्राएं और उनके परिवार बेसब्री से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट आते ही जहां एक तरफ खुशी का माहौल है, वहीं उन छात्राओं के लिए एक और अच्छी खबर है जिन्होंने 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के तहत ऐसी होनहार लड़कियों को हर साल 1.15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना उन परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद है जो आर्थिक तंगी की वजह से अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते।
कहां और कैसे देखें अपना RBSE 10वीं रिजल्ट 2026?
जिन छात्र-छात्राओं ने इस साल 10वीं की परीक्षा दी है, वे अपना रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर देख सकते हैं। वेबसाइट पर जाने के बाद 10वीं मार्कशीट या रिजल्ट वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपना रोल कोड और रोल नंबर डालें और सबमिट करें। कुछ ही सेकेंड में स्क्रीन पर आपका रिजल्ट आ जाएगा। आप चाहें तो इसे डाउनलोड करके सेव भी कर सकते हैं। अगर वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा हो तो थोड़ी देर इंतजार करके दोबारा कोशिश करें।
क्या है मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना?
राजस्थान सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की होनहार लड़कियां सिर्फ पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई न छोड़ें। अगर किसी छात्रा ने 10वीं बोर्ड में अच्छे अंक लाए हैं लेकिन उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तो यह योजना उसके लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है। इस योजना के तहत स्कूल फीस, कोचिंग फीस, हॉस्टल खर्च और स्टेशनरी तक के लिए पैसे दिए जाते हैं।
किन चार तरह की छात्राओं को मिलता है इस योजना का फायदा?
इस योजना के तहत हर जिले से चार श्रेणियों में छात्राओं का चुनाव किया जाता है। पहली श्रेणी में वह छात्रा आती है जिसने अपने जिले में पहला स्थान हासिल किया हो। दूसरी श्रेणी में जिले में दूसरे स्थान पर आने वाली छात्रा को रखा जाता है। तीसरी श्रेणी बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों की एक छात्रा के लिए है। चौथी और बेहद खास श्रेणी उन अनाथ बच्चियों के लिए है जिनके माता-पिता नहीं हैं, बशर्ते उन्होंने कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल किए हों।
यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि हर तबके की होनहार लड़की को आगे बढ़ने का मौका मिले, चाहे वह किसी भी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हो।
कितने पैसे मिलते हैं और किस काम के लिए?
इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में 15,000 रुपये दिए जाते हैं जो स्टेशनरी, किताबें और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए होते हैं। दूसरे हिस्से में एक लाख रुपये दिए जाते हैं जो स्कूल फीस, कोचिंग फीस या हॉस्टल फीस के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर हर साल अधिकतम 1.15 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है।
यह रकम सुनने में भले ही छोटी लगे, लेकिन उन परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है जिनकी सालाना आमदनी बहुत कम है। इस पैसे से एक लड़की अपनी आगे की पढ़ाई बिना किसी आर्थिक परेशानी के जारी रख सकती है।
इस योजना के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। सबसे पहली और बुनियादी शर्त यह है कि छात्रा राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि यह योजना सिर्फ बालिकाओं के लिए है, लड़के इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते। तीसरी शर्त यह है कि आवेदन करने वाली छात्रा के माता या पिता में से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। चौथी और बेहद अहम शर्त यह है कि परिवार की सालाना कुल आमदनी एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। और पांचवीं शर्त यह है कि छात्रा ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल किए हों। ये सभी शर्तें यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं कि सरकारी मदद उन्हीं लड़कियों तक पहुंचे जिन्हें वाकई इसकी जरूरत है।
बेटियों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना?
राजस्थान में अभी भी ऐसे बहुत से इलाके हैं जहां लड़कियों की पढ़ाई को उतनी तरजीह नहीं दी जाती जितनी दी जानी चाहिए। कई बार परिवार की माली हालत ठीक न होने की वजह से लड़कियों को 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जो लड़कियां पढ़ने में तेज हैं उन्हें अब पैसों की चिंता किए बिना आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा यह योजना लड़कियों को मेहनत से पढ़ने के लिए भी प्रेरित करती है। जब उन्हें पता होता है कि अच्छे अंक लाने पर न सिर्फ पहचान मिलेगी बल्कि आर्थिक मदद भी मिलेगी, तो वे और ज्यादा लगन से पढ़ती हैं। इस तरह यह योजना दोहरा काम करती है — एक तरफ यह आर्थिक सहायता देती है और दूसरी तरफ पढ़ाई के प्रति रुझान भी बढ़ाती है।
रिजल्ट के बाद अगला कदम क्या होना चाहिए?
जिन छात्राओं ने 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी मार्कशीट डाउनलोड करनी चाहिए और उसे सुरक्षित रख लेना चाहिए। इसके बाद उन्हें अपने स्कूल या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करके मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज जैसे मूल निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड अगर लागू हो, और मार्कशीट पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन में कोई देरी न हो।
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