डेस्क :नए साल से पहले भारतीय पासपोर्ट को झटका लगा है। ग्लोबल रैंक में अब भारतीय पासपोर्ट 85वें नंबर पर खिसक गया है। पहले इसकी रैंक 80 थी। भारत के साथ अमेरिका को भी झटका लगा है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 ने नई सूची जारी की है। इसमें अमेरिकी पासपोर्ट को भी झटका लगा है। अब अमेरिका का पासपोर्ट 12वें नंबर पर पहुंच गया। पहले इसकी रैंक 10 थी।
दुनिया में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति कमजोर हुई है। पिछले साल कर भारत ग्लोबल रैंकिंग में 80वें स्थान पर था। इस साल 5 पायदान गिरकर भारतीय पासपोर्ट 85वें नंबर पर पहुंच गया है। हालांकि सिंगापुर लगातार अपनी पहली रैंक बरकरार रखे हुए है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की लिस्ट ने दुनियाभर के पासपोर्ट की रैंकिंग जारी की है।
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग गिरने से अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 से 59 देशों में ही बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। जबकि सिंगापुर के नागरिक 193 देशों, दक्षिण कोरिया के नागरिक 190 देशों, जापान के नागरिक 189, जर्मनी, इटली, स्पेन और स्विट्जरलैंड के नागरिक 187 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं
निष्कर्ष :
Henley Passport Index 2025 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग का 80वें स्थान से गिरकर 85वें स्थान पर आना भारत के लिए एक चेतावनी संकेत है। इससे साफ होता है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय नागरिकों की वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा सीमित हो रही है। वहीं, अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के पासपोर्ट की रैंकिंग में भी गिरावट आई है, जो बदलते वैश्विक समीकरणों को दर्शाता है। सिंगापुर का लगातार शीर्ष पर बने रहना बताता है कि मजबूत कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय समझौते किसी भी देश के पासपोर्ट की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत को अपनी विदेश नीति और द्विपक्षीय समझौतों पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति मजबूत हो सके।



