Silver Price Hike: चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 90 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है। भारत में MCX पर चांदी 95,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपर ट्रेड कर रही है। यह साल की सबसे ऊंची स्तर है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी कई कारणों से आई है। निवेशक इसे मौका मान रहे हैं, लेकिन सतर्कता भी बरत रहे हैं। आइए जानते हैं कारण और आगे क्या हो सकता है।
तेजी के मुख्य कारण
- डॉलर में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है। इससे कमोडिटी कीमतें बढ़ती हैं। चांदी डॉलर में ट्रेड होती है, इसलिए डॉलर कमजोर होने से कीमत ऊपर जाती है।
- सुरक्षित निवेश की मांग: वैश्विक अस्थिरता (युद्ध, महंगाई) से निवेशक सोना-चांदी में पैसा लगा रहे हैं। चांदी को “गरीब का सोना” कहते हैं, इसलिए मांग ज्यादा है।
- औद्योगिक मांग: चांदी सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी में इस्तेमाल होती है। सोलर एनर्जी और EV की मांग बढ़ने से चांदी की डिमांड ऊपर है।
- सोने से बेहतर प्रदर्शन: सोना भी महंगा हुआ है, लेकिन चांदी की तेजी ज्यादा है। गोल्ड-सिल्वर रेशियो 80 के करीब है, जो चांदी को सस्ता दिखाता है।
- त्योहार और शादी सीजन: भारत में शादी का सीजन है। चांदी के गहने और सिक्कों की मांग बढ़ी है।
भारत में क्या असर?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चांदी आयातक है। अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने से यहां भी महंगाई हुई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 96,000 रुपये किलो के करीब है। पिछले महीने से 10-15% उछाल आया है।
निवेशक फ्यूचर्स और ETF में पैसा लगा रहे हैं। ज्वेलरी खरीदार इंतजार कर रहे हैं कि कीमत गिरे।
Silver Price Hike: आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी जारी रह सकती है। 2026 में चांदी 100 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। लेकिन अमेरिकी फेड रेट कट और डॉलर की स्थिति पर निर्भर। अगर महंगाई कम हुई तो कीमत गिर सकती है।
सलाह: लंबे समय के निवेशक खरीद सकते हैं। शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें।
चांदी की यह तेजी निवेशकों के लिए मौका है। लेकिन जोखिम भी है। विशेषज्ञ से सलाह लें। बाजार पर नजर रखें।



