Jharkhand News: टाटा स्टील झारखंड में ₹11,000 करोड़ का विशाल निवेश करने जा रही है। कंपनी के उपाध्यक्ष डीबी सुंदरा रामम ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ दावोस में टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन द्वारा समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सभी चार परियोजनाएं 2028-29 तक पूर्णतः क्रियान्वित हो जाएंगी।
चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदरा रामम ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह ₹11,000 करोड़ का निवेश चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं में वितरित होगा।
शून्य कार्बन उत्सर्जन परियोजनाएं – ₹7,000 करोड़
टाटा स्टील शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इन दोनों परियोजनाओं पर लगभग ₹7,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। यह पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन को कम करना अत्यंत आवश्यक है। टाटा स्टील इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
टिनप्लेट विस्तार परियोजना – ₹2,600 करोड़
टिनप्लेट कंपनी के विस्तारीकरण पर ₹2,600 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। टिनप्लेट का उपयोग मुख्यतः खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की पैकेजिंग में होता है। इस विस्तार से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
कोम्बी मिल परियोजना – ₹1,100 करोड़
कोम्बी मिल परियोजना पर ₹1,100 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। वर्तमान में यह परियोजना रैम्प अप स्टेज पर है अर्थात उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। डीबी सुंदरा रामम ने बताया कि मुख्यमंत्री से समय लिया जा रहा है ताकि इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया जा सके।
वन नेशन, वन स्टील की दिशा में प्रयास
गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि संविधान हमारे देश के लिए गीता, बाइबिल और कुरान की तरह है। देश के विकास में टाटा स्टील ने महती भूमिका निभाई है और झारखंड के विकास में भी योगदान देती रहेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में टाटा स्टील ‘वन नेशन वन स्टील’ की अवधारणा की दिशा में कार्य कर रही है। यह पहल भारत में इस्पात उद्योग को एकीकृत और मजबूत करने के उद्देश्य से है।
सामुदायिक विकास में योगदान
टाटा स्टील केवल औद्योगिक विकास तक ही सीमित नहीं है बल्कि समुदाय के समग्र विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल प्रशिक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में टाटा स्टील द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रम समुदाय के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सुरक्षा, अनुशासन और नैतिकता पर फोकस
डीबी सुंदरा रामम ने बताया कि टाटा स्टील सुरक्षा, अनुशासन और नैतिकता पर निरंतर कार्य कर रही है। औद्योगिक सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नवीनतम तकनीक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उपयोग किया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस समारोह
इस अवसर पर डीबी सुंदरा रामम ने परेड का निरीक्षण किया और सभी उपस्थित लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। टाटा स्टील परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य सम्मिलित हुए।
Jharkhand News: झारखंड के लिए महत्व
टाटा स्टील का यह ₹11,000 करोड़ का निवेश झारखंड के आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।
यह निवेश झारखंड सरकार की औद्योगिक नीति की सफलता को भी प्रदर्शित करता है और अन्य कंपनियों के लिए भी प्रेरणा है कि वे राज्य में निवेश करें।



