रांची-रांची यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग को हटा दिया है. अब किसी भी गलत उत्तर पर अंक नहीं कटेंगे. पूर्व में जारी नियमावली के तहत परीक्षा में एक गलत उत्तर देने पर 0.5 अंक काटने का निर्देश था, जिसे रांची विश्वविद्यालय ने वापस ले लिया है. सही उत्तर देने पर एक अंक मिलेगा. यह निर्णय कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया. अब इस प्रवेश परीक्षा में स्नातकोत्तर की फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे या होनेवाले विद्यार्थी भी शामिल हो सकेंगे. पहले 55 प्रतिशत अंक के साथ स्नातकोत्तर उत्तीर्ण विद्यार्थी ही शामिल हो सकते थे. बैठक में आवेदन करने की तिथि 20 जनवरी 2025 तक के लिए बढ़ा दी गयी है.
पूर्व निर्धारित शिड्यूल के मुताबिक पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि चार जनवरी 2025 तक निर्धारित थी. भरे हुए आवेदन ऑफलाइन विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित परीक्षा विभाग में जमा होंगे. आवेदन के साथ 2000 रुपये शुल्क भी जमा करना अनिवार्य होगा. प्रवेश परीक्षा 21 विषयों में 479 सीट के लिए होगी. कुल 1261 सीट में 757 सीट यूजीसी नेट/जेआरएफ/सीएसआइआर यूजीसी नेट के लिए तथा 25 सीट झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) के लिए सुरक्षित रखे गये हैं.
प्रवेश परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी. 70 अंक लिखित परीक्षा और 30 अंक रिसर्च आइडिया/वायवा आदि में दिये जायेंगे. कुल 70 अंक में रिसर्च मैथेडोलॉजी पेपर 50 अंकों की होगी. इसमें 50 प्रश्न होंगे, जबकि संयुक्त विषय की 20 अंकों की परीक्षा होगी. जिसमें 20 प्रश्न होंगे. परीक्षा ओएमआर शीट पर लिये जायेंगे. सभी प्रश्न पत्र हिंदी/अंग्रेजी में होंगे. बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहू, प्रॉक्टर डॉ एमसी मेहता, परीक्षा नियंत्रक डॉ विकास कुमार, ओएसडी (परीक्षा) डॉ रोहित श्रीवास्तव, डीन कॉमर्स डॉ अमर कुमार चौधरी, डीन साइंस डॉ अरूण कुमार, डीन सोशल साइंस डॉ पीके चौधरी, डीन ह्यूमिनिटिज डॉ अर्चना दुबे समेत अन्य उपस्थित थे.

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