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दिल्ली एनसीआर में ट्रिपल अटैक, कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और जहरीला प्रदूषण, जनजीवन अस्त व्यस्त

Delhi Weather News: राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में शनिवार की सुबह कड़ाके की सर्दी, घने कोहरे और खराब वायु गुणवत्ता की तिहरी मार ने जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है और तापमान में गिरावट जारी है। वहीं घने कोहरे से दृश्यता काफी कम हो गई है जिससे सड़क यातायात, ट्रेन सेवाएं और हवाई उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है और कई इलाकों में एक्यूआई 300 से भी अधिक दर्ज किया गया है।

तापमान में गिरावट और कड़ाके की सर्दी

Delhi Weather News: Rain in Winter Season
Delhi Weather News: Rain in Winter Season

शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में हुई बारिश के बाद ठंड और भी बढ़ गई है। शनिवार की सुबह दिल्ली का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से काफी कम है और इससे ठिठुरन बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय ठंड इतनी अधिक है कि लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

गाजियाबाद में भी सर्द हवाओं ने कहर बरपाया है। यहां का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे एनसीआर क्षेत्र में ठंड का यह प्रकोप देखने को मिल रहा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद नमी बढ़ने से ठंड का एहसास और अधिक हो रहा है। हवा में नमी होने से ठंड त्वचा में सीधे चुभती है और ठिठुरन बढ़ जाती है। रात और सुबह के समय तापमान और भी नीचे चला जाता है जिससे कंपकंपी छूट जाती है।

घने कोहरे से दृश्यता में भारी कमी

शनिवार की सुबह दिल्ली एनसीआर में घने कोहरे ने दृश्यता को बुरी तरह प्रभावित किया। अर्ली मॉर्निंग यानी तड़के के समय कोहरा इतना घना था कि दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। कई इलाकों में तो 20 से 30 मीटर तक ही देखा जा सकता था। इससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

हाईवे पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। चालकों को अत्यंत सावधानी बरतनी पड़ी और लाइट एवं इंडिकेटर जलाकर ही वाहन चलाना संभव हो पाया। दिल्ली गुड़गांव एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। कई जगहों पर छोटी मोटी दुर्घटनाएं भी हुईं।

धौला कुआन, आईटीओ, अक्षरधाम और अन्य प्रमुख चौराहों पर कोहरे की मोटी चादर दिखाई दी। एएनआई की तस्वीरों में धौला कुआन क्षेत्र पर कोहरे की पतली परत देखी गई जो ठंड की लहर की निरंतरता को दर्शाती है। सुबह 8 बजे तक भी कई इलाकों में कोहरा बना रहा।

रेलवे और विमानन सेवाएं प्रभावित

घने कोहरे के कारण रेलवे और विमानन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। दिल्ली से आने और जाने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। उत्तर रेलवे के अनुसार करीब 20 से 25 ट्रेनें 2 से 4 घंटे तक लेट रहीं। पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे की ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कोहरे का असर रहा। हालांकि कैट तीन बी लैंडिंग सिस्टम होने के कारण उड़ानें पूरी तरह बंद नहीं हुईं लेकिन कुछ उड़ानों में देरी हुई। सुबह की कुछ उड़ानें निर्धारित समय से देर से उड़ीं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों से अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करने और समय से पहले पहुंचने की अपील की।

वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर

सबसे गंभीर चिंता का विषय वायु प्रदूषण है जो खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 300 के पार रिकॉर्ड किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। कई इलाकों में तो स्थिति और भी भयावह है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार चांदनी चौक में एक्यूआई 375 दर्ज किया गया जो खतरनाक श्रेणी में है। आईटीआई शाहदरा में 374, जहांगीरपुरी में 371, मुंडका में 328 और नेहरू नगर में 323 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। ये सभी आंकड़े अत्यधिक खतरनाक हैं।

एनसीआर के अन्य शहरों में भी स्थिति बेहद खराब है। गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में एक्यूआई 302 दर्ज किया गया। गुड़गांव के सेक्टर 51 में 276 और द्वारका के सेक्टर 8 में 260 एक्यूआई रहा। नोएडा के सेक्टर 125 में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही जहां एक्यूआई 212 रहा लेकिन यह भी मॉडरेट से पुअर श्रेणी में आता है।

प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभाव

इतने उच्च स्तर के वायु प्रदूषण से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए स्थिति विशेष रूप से खतरनाक है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग सुबह शाम बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो एन 95 मास्क जरूर पहनें। घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। बच्चों को बाहरी गतिविधियों से दूर रखें।

अस्पतालों में सांस की समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी बीमारियों के मरीजों की स्थिति बिगड़ रही है। हृदय रोगियों के लिए भी यह प्रदूषण खतरनाक है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले हफ्ते मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान सामान्य से नीचे ही रहने की संभावना है।

अगले कुछ दिनों तक कोहरे की स्थिति भी जारी रहेगी। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहेगा। हालांकि दिन में धूप निकलने की संभावना है जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन समग्र रूप से ठंड का प्रकोप बना रहेगा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर उत्तर भारत में सबसे ठंडा होता है। इस दौरान शीतलहर और कोहरे की घटनाएं सामान्य हैं। हालांकि इस बार प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से उच्च है।

सरकारी प्रयास और उपाय

दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप के तहत विभिन्न उपाय लागू किए हैं। निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच और औद्योगिक इकाइयों पर नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं।

सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। मैकेनाइज्ड स्वीपिंग बढ़ाई गई है। पराली जलाने पर सख्त निगरानी है। हालांकि इन सभी प्रयासों के बावजूद प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में नहीं आ रहा है।

ठंड से निपटने के लिए भी उपाय किए गए हैं। रैन बसेरों में बेघर लोगों के लिए व्यवस्था की गई है। कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जा रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

Delhi Weather News: जनजीवन पर व्यापक प्रभाव

ठंड, कोहरे और प्रदूषण की तिहरी मार से दिल्ली एनसीआर में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सुबह की गतिविधियां देर से शुरू हो रही हैं। बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावक संकोच कर रहे हैं। कई स्कूलों ने समय में बदलाव किया है।

व्यापारिक गतिविधियां धीमी हैं। मंडियां देर से खुल रही हैं। निर्माण कार्य और बाहरी काम प्रभावित हैं। मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों की आय घट रही है।

यातायात की समस्याओं से लोगों को कार्यालय पहुंचने में देरी हो रही है। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रदूषण से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।

निष्कर्ष: दिल्ली एनसीआर में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण ने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। सरकार और प्रशासन को इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने होंगे। नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। जब तक मौसम में सुधार नहीं होता तब तक यह स्थिति बनी रह सकती है। सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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