Tulsi Pujan Diwas 2025: हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। इस साल यह 25 दिसंबर 2025 को है। तुलसी मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती है। घर में तुलसी का पौधा सुख-समृद्धि और शांति लाता है। लेकिन तुलसी से जुड़ी कुछ गलतियां करने से घर में नकारात्मकता और दरिद्रता आ सकती है। वास्तु और धार्मिक शास्त्रों में तुलसी से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं। इनका पालन न करने से पूजा का फल नहीं मिलता। जानिए वो प्रमुख गलतियां जो तुलसी पूजन दिवस और रोजाना नहीं करनी चाहिए।
तुलसी से जुड़ी प्रमुख गलतियां
1. तुलसी को कभी सूखने न दें
तुलसी का पौधा सूख जाए तो घर में दरिद्रता आती है। तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। सूखी तुलसी का अपमान होता है। रोज पानी दें। सर्दियों में कम पानी काफी है।
2. तुलसी में शाम के बाद पानी न डालें
शाम के बाद तुलसी में जल चढ़ाना या पानी डालना वर्जित है। मान्यता है कि शाम को तुलसी में राक्षस वास करते हैं। शाम को सिर्फ दीपक जलाएं।
3. एकादशी, रविवार और अमावस्या पर तुलसी न तोड़ें
इन दिनों तुलसी की पत्तियां तोड़ना बड़ा पाप माना जाता है। तुलसी पूजन दिवस (एकादशी) पर भी पत्तियां न तोड़ें। अगर जरूरी हो तो पहले दिन तोड़कर रख लें।
4. तुलसी के पास जूते-चप्पल या गंदी चीजें न रखें
तुलसी को पवित्र स्थान मानें। उसके पास जूते, झाड़ू या गंदगी न रखें। इससे तुलसी का अपमान होता है। घर में कलह बढ़ सकता है।
5. तुलसी का पौधा घर के दक्षिण दिशा में न लगाएं
तुलसी उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं। दक्षिण दिशा यम की दिशा है। वहां तुलसी लगाने से घर में नकारात्मकता आती है।
6. तुलसी की पूजा बिना स्नान किए न करें
तुलसी की पूजा हमेशा स्नान के बाद करें। बिना नहाए तुलसी को छूना या जल चढ़ाना अशुभ है।
7. तुलसी में लौंग या इलाइची न चढ़ाएं
कुछ लोग तुलसी में लौंग चढ़ाते हैं। यह गलत है। तुलसी में सिर्फ जल, दूध, फूल और दीपक चढ़ाएं।
Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस पर क्या करें
- सुबह स्नान कर तुलसी की पूजा करें।
- तुलसी के चारों ओर 108 परिक्रमा करें।
- दीपक जलाएं।
- तुलसी विवाह की कथा सुनें।
- तुलसी को चुनरी और श्रृंगार चढ़ाएं।
- प्रसाद बांटें।
तुलसी पूजन दिवस पर किए गए दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। घर में सुख-शांति बनी रहती है।
तुलसी मां लक्ष्मी का रूप है। इन गलतियों से बचें तो घर में हमेशा सुख-समृद्धि रहेगी। तुलसी पूजन दिवस पर विशेष पूजा करें।



