न्यू दिल्ली :इस बार भारत 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इसको लेकर मुख्य अतिथि तय कर लिए गए हैं। इस बार एक नहीं बल्कि दो मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे। यूरोपीय यूनियन के नेता उर्सुला गर्ट्रूड वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो लुइस सैंटोस दा इस बार गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के मुख्य अतिथि होंगे। बता दें कि उर्सुला गर्ट्रूड वॉन डेर लेयेन एक जर्मन राजनेता हैं। वहीं एंटोनियो लुइस सैंटोस दा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं।

77वें गणतंत्र दिवस 2026 में जर्मनी और यूरोपीय परिषद के नेता होंगे मुख्य अतिथि
बता दें कि उर्सुला गर्ट्रूड वॉन डेर लेयेन फिलहाल यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष हैं। वॉन डेर लेयेन एक जर्मन राजनेता हैं। इनका जन्म अक्टूबर 1958 में हुआ है। लेयेन पेशे से डॉक्टर हैं। क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी की नेता हैं। इसके साथ ही जर्मनी के इतिहास में डेर लेयेन पहली महिला सांसद हैं। साल 2005 से 2009 तक वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं के मंत्री का पद संभाला था। इसके बाद साल 2009 से 2013 तक श्रम और सामाजिक मामलों के मंत्री और 2013 से रक्षा मंत्री के रूप में काम किया।

एंटोनियो लुइस सैंटोस दा वर्तमान में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं। लुइस सैंटोस दा एक पुर्तगाली वकील और राजनीतिज्ञ हैं। इनका जन्म 17 जुलाई 1961 को हुआ है। पिछले साल से सैंटोस दा यूरोपीय परिषद में अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री और सोशलिस्ट पार्टी के महासचिव का पद संभाल चुके हैं।
निष्कर्ष:
भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जिसमें इस बार पहली बार दो मुख्य अतिथि शामिल होंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह कदम भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मजबूत होते रणनीतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है, साथ ही वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।



