Amit Shah: लोकसभा में आज चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच जोरदार टकराव हो गया। अमित शाह ने राहुल के सवालों पर गुस्सा जाहिर किया और कहा कि सदन उनकी मर्जी से नहीं चलेगा। राहुल ने वोट चोरी के आरोपों पर बहस की चुनौती दी, तो शाह ने पलटवार किया। यह झड़प बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जंग को नया मोड़ दे रही है। सदन में हंगामा मच गया और चर्चा गरम हो गई।
अमित शाह ने लोकसभा में चुनाव सुधार बिल पर जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ही चुनाव कराने का जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था तब बनी जब बीजेपी अस्तित्व में नहीं थी। शाह ने अपना 30 साल का संसदीय अनुभव का हवाला दिया। राहुल गांधी ने शाह को तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि शाह का जवाब डरा हुआ लग रहा है। शाह ने तुरंत पलटवार किया और बोले कि बोलने का क्रम वे खुद तय करेंगे। अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी है तो शपथ क्यों ली। अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयुक्त को खास अधिकार हैं। अनुच्छेद 326 में मतदाता की योग्यता बताई गई है- 18 साल से ऊपर और भारतीय नागरिक। अनुच्छेद 325 कहता है कि किसी पात्र वोटर को सूची से बाहर नहीं किया जा सकता।
राहुल की चुनौती पर शाह का गुस्सा: सदन में मच गया बवाल

राहुल गांधी ने सदन में कहा, “मैं आपको चैलेंज करता हूं कि मेरी वोट चोरी की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा करें। ये डरा हुआ, घबराया हुआ रिस्पॉन्स है। सच्चा रिस्पॉन्स नहीं है।” अमित शाह भड़क गए और बोले, “आपकी मुंसिफगीरी से सदन नहीं चलेगा। मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा।” शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा कि पहले सिर्फ वे ही चुनाव आयोग पर आरोप लगाते थे। अब पूरा इंडी अलायंस- ममता बनर्जी, स्टालिन, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन, भगवंत मान- इसमें शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सोनिया गांधी ने उस चुनाव में वोट तक नहीं दिया था। शाह ने चुनौती स्वीकार की कि बीजेपी और एनडीए किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक जंग तेज: वोट चोरी के आरोपों पर बहस की उम्मीद
यह टकराव लोकसभा चुनाव के बाद से चल रही वोट चोरी की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। अमित शाह ने कहा कि वे 30 साल से विधानसभा और लोकसभा में आ रहे हैं, संसदीय प्रक्रिया का अच्छा ज्ञान है। सदन में विपक्ष के हंगामे से चर्चा रुकी। स्पीकर ने कई बार सदन शांत करने की कोशिश की। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष बहस से भाग रहा है, जबकि कांग्रेस इसे सरकार का डर बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह जंग 2029 चुनाव तक चलेगी। सदन की कार्यवाही कल फिर शुरू होगी। अधिक अपडेट के लिए जुड़े रहें।



