नई दिल्ली: देश में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया की निगरानी करने वाली नोडल संस्था केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के आंकड़ों के अनुसार, गोद लेने के लंबित मामलों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे है। राज्य में सबसे ज़्यादा 352 मामले लंबित हैं। CARA महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संस्था है, जिसे देश के भीतर और विदेशों में होने वाले गोद लेने की निगरानी और विनियमन का दायित्व सौंपा गया है।
पश्चिम बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश (318), ओडिशा (262), महाराष्ट्र (250), तेलंगाना (201), बिहार (196), दिल्ली (176) और मध्य प्रदेश (139) का स्थान है। आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में इस समय 2,768 बच्चे गोद लिए जाने की प्रतीक्षा में हैं।



