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झारखंड में रवींद्र भवन का अनावरण, आदिवासी विरासत को मिलेगा बढ़ावा

Ravindra Bhavan: झारखंड की राजधानी रांची में 2244 करोड़ रुपये की लागत से बना रवींद्र भवन सांस्कृतिक परिसर तैयार हो गया है। यह विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला केंद्र कला, संस्कृति और आदिवासी विरासत को बढ़ावा देगा। झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुइडको) ने शहरी विकास विभाग के तहत इसे विकसित किया है। परिसर में 1500 सीटों वाला ऑडिटोरियम है, जिसमें लाइटिंग और साउंड सिस्टम विश्वस्तरीय हैं। छोटे शहरों और गांवों के कलाकार जो अपनी कला दिखाने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन से रांची को सांस्कृतिक हब बनाने का लक्ष्य है। उद्घाटन जल्द होने वाला है।

मुख्य सुविधाएं: ऑडिटोरियम से आर्ट गैलरी तक सब कुछ

परिसर में 1500 सीटों वाला ऑडिटोरियम है, जो क्षेत्र का सबसे उन्नत होगा। आर्ट गैलरी, लाइब्रेरी, मल्टीपर्पज हॉल, बैन्क्वेट हॉल, वीआईपी लाउंज और संगीत कमरे हैं। दीवारों पर बोल्ड सोहराई कला से सजावट की गई है, जो झारखंड की आदिवासी पहचान दिखाती है। आधुनिक सुविधाएं जैसे वर्षा जल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, अग्नि सुरक्षा और पर्याप्त पार्किंग हैं। जुइडको के पीआरओ अशुतोष सिंह ने कहा कि यह केंद्र स्थानीय और पूर्वी भारत के कलाकारों के लिए खुला होगा। प्रशिक्षण, प्रदर्शन और सेमिनार के अवसर मिलेंगे।

महत्व: झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी नई ऊंचाई

यह परिसर झारखंड और पूर्वी भारत में सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलाकारों, लेखकों और उत्साही लोगों को प्लेटफॉर्म मिलेगा। शिक्षाविद डॉ. कमल बोस ने कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से रचनात्मकता फलती-फूलती है। बंगाली कलाकार सुबीर लाहिनी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। यह भवन रांची को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आदिवासी कला और परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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