West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के ड्राफ्ट रोल में चौरंगी विधानसभा क्षेत्र से 74,553 मतदाताओं के नाम हटाए जाने से राजनीतिक बवाल मच गया है। यह संख्या क्षेत्र के कुल मतदाताओं का बड़ा हिस्सा है। भाजपा ने इसे टीएमसी की साजिश बताया और कहा कि असली मतदाताओं के नाम काटकर फर्जी वोटर जोड़े जा रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो बंगाल की राजनीति पर नजर रखते हैं, वे इस घटना से चिंतित हैं क्योंकि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पर विवाद बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट रोल जारी किया है, जिसमें दावे-आपत्तियां 26 दिसंबर तक दर्ज की जा सकती हैं। चौरंगी कोलकाता का प्रमुख क्षेत्र है, जहां भाजपा मजबूत स्थिति में है।
ड्राफ्ट रोल में क्या बदलाव
एसआईआर ड्राफ्ट रोल के अनुसार, चौरंगी विधानसभा में 74,553 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह संख्या राज्य में सबसे ज्यादा है। अन्य क्षेत्रों में भी हजारों नाम कटे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि ये असली मतदाता हैं, जिनके नाम जानबूझकर हटाए गए। टीएमसी पर आरोप है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम जोड़े जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमों के तहत है और फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाए गए हैं। दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर है।
भाजपा का आरोप: टीएमसी की साजिश
भाजपा ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेता ने कहा कि चौरंगी में भाजपा मजबूत है, इसलिए वहां सबसे ज्यादा नाम काटे गए। यह चुनाव से पहले वोट बैंक की साजिश है। भाजपा ने निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। टीएमसी ने आरोप खारिज किए और कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है।
मतदाताओं की चिंता: दावे-आपत्ति कैसे दर्ज करें
मतदाता जिनके नाम कट गए हैं, वे 26 दिसंबर तक दावे दर्ज कर सकते हैं। ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरें। आधार, वोटर आईडी या अन्य दस्तावेज साथ लगाएं। निर्वाचन आयोग ने हेल्पलाइन जारी की है। यह प्रक्रिया चुनाव की निष्पक्षता के लिए जरूरी है।



