Jharkhand News: झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में औसतन 59% तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो गया तो घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं का बिल काफी बढ़ जाएगा। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह झटका और बड़ा होगा। JBVNL ने बढ़ते खर्च, घाटे और नए निवेश की जरूरत का हवाला दिया है। आयोग अब जन सुनवाई करेगा और उपभोक्ताओं से राय मांगेगा। अंतिम फैसला अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है।
Jharkhand News: घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर
JBVNL के प्रस्ताव के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज और यूनिट दर दोनों बढ़ाई जाएंगी। अभी घरेलू कनेक्शन पर औसतन 6-7 रुपये प्रति यूनिट है, जो बढ़कर 10 रुपये तक हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी वाली दरें भी प्रभावित होंगी। व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 59% तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। कृषि कनेक्शन पर फ्लैट रेट बढ़ सकता है। JBVNL ने कहा कि पिछले 5 सालों में दरें नहीं बढ़ीं, जबकि कोयला, ट्रांसमिशन और वेतन खर्च कई गुना बढ़ गया। घाटा 5000 करोड़ से ऊपर हो चुका है। नए प्रोजेक्ट्स और स्मार्ट मीटर लगाने के लिए फंड की जरूरत है।
उपभोक्ताओं की चिंता: महंगाई पर बोझ
उपभोक्ता संगठनों ने प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पहले सेवा सुधारें, फिर दरें बढ़ाएं। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती आम है, फिर भी बिल ज्यादा आता है। उपभोक्ता नेता ने कहा कि 59% बढ़ोतरी अस्वीकार्य है। आयोग से जन सुनवाई की मांग की गई है। पिछले साल भी प्रस्ताव आया था, लेकिन विरोध के बाद कम बढ़ोतरी हुई। इस बार JBVNL ने साफ कहा कि बिना बढ़ोतरी के निगम दिवालिया हो जाएगा।
आयोग की भूमिका: जन सुनवाई के बाद फैसला
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रस्ताव की जांच करेगा। जनता से ऑनलाइन या लिखित सुझाव मांगे जाएंगे। सुनवाई के बाद अंतिम दरें तय होंगी। आमतौर पर प्रस्ताव से कम बढ़ोतरी मंजूर होती है। लेकिन इस बार घाटा ज्यादा होने से बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। उपभोक्ता अपनी राय आयोग को भेजें ताकि बोझ कम हो। अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी।


