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Delhi News: दिल्ली में अब 13 जिले, सरकार ने पुनर्गठन को दी मंजूरी, प्रशासनिक काम आसान होंगे

Delhi News: दिल्ली सरकार ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पहले दिल्ली में 11 जिले थे, अब इन्हें बढ़ाकर 13 जिले कर दिया गया है। यह पुनर्गठन तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार ने 25 दिसंबर 2025 को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। इस बदलाव से जिले की सीमाएं मुंसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD), न्यू दिल्ली मुंसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ पूरी तरह मिल जाएंगी।

यह बदलाव दिल्ली वालों के लिए अच्छी खबर है। पहले अलग-अलग सीमाओं से शिकायतें सुलझाने, जमीन के रिकॉर्ड और आपदा प्रबंधन में दिक्कत होती थी। अब काम तेज और आसान होंगे। आइए, समझते हैं कि नए जिले कौन से हैं और इससे क्या फायदा होगा।

क्यों किया गया यह पुनर्गठन?

दिल्ली सरकार का कहना है कि पहले राजस्व जिलों की सीमाएं MCD के जोनों से मेल नहीं खाती थीं। इससे

– लोगों की शिकायतें सुलझाने में देरी होती थी।
– जमीन के कागजात और रिकॉर्ड में परेशानी आती थी।
– विभागों के बीच तालमेल नहीं बनता था।
– आपदा या इमरजेंसी में प्लानिंग मुश्किल होती थी।

अब सभी 13 जिलों की सीमाएं MCD, NDMC और कैंटोनमेंट के साथ एक समान हो जाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह काम सालों से अटका था। उनकी सरकार ने 10 महीने में पूरा कर लिया। इससे प्रशासन में स्पष्टता आएगी और विभागों का आपसी तालमेल बेहतर होगा।

यह बदलाव 13 साल बाद हुआ है। आखिरी बार 2012 में साउथ ईस्ट और शाहदरा जिले बनाए गए थे।

नए जिलों के नाम क्या हैं?

पुराने 11 जिलों में बदलाव करके 13 नए जिले बनाए गए हैं

1. साउथ ईस्ट
2. ओल्ड दिल्ली (नया)
3. नॉर्थ
4. न्यू दिल्ली
5. सेंट्रल
6. सेंट्रल नॉर्थ (नया)
7. साउथ वेस्ट
8. आउटर नॉर्थ (नया)
9. नॉर्थ वेस्ट
10. नॉर्थ ईस्ट
11. ईस्ट
12. साउथ
13. वेस्ट

मुख्य बदलाव

  • शाहदरा जिले को खत्म करके नॉर्थ ईस्ट में मिला दिया गया।
  • तीन नए जिले बनाए गए: ओल्ड दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ और आउटर नॉर्थ।

साथ ही, सब-डिवीजन (उप-मंडल) की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 कर दी गई है। इससे छोटे इलाकों में काम और आसान होगा।

इससे आम लोगों को क्या फायदा?

यह पुनर्गठन आम दिल्ली वासियों के लिए बहुत फायदेमंद है

1. शिकायतें जल्दी सुलझेंगी, क्योंकि सीमाएं साफ होंगी।
2. जमीन, प्रॉपर्टी और रजिस्ट्री के काम तेज होंगे।
3. सरकारी सेवाएं घर के करीब मिलेंगी।
4. आपदा या इमरजेंसी में बेहतर प्लानिंग होगी।
5. विभागों के बीच झगड़े कम होंगे।

सरकार ने कहा कि नए जिलों में मिनी सेक्रेटेरिएट बनाए जाएंगे। यहां एक ही जगह पर ज्यादातर सरकारी विभाग होंगे। लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (SRO) की संख्या भी 22 से बढ़ाकर 39 की जाएगी। इसका अलग नोटिफिकेशन आएगा। तब तक पुराने ऑफिस ही काम करेंगे।

कब से लागू होगा पूरा बदलाव?

नोटिफिकेशन तुरंत प्रभाव से जारी हो गया है। नए जिले और सब-डिवीजन दिसंबर 2025 के अंत तक पूरी तरह काम करने लगेंगे। ट्रांजिशन के दौरान सेवाओं में कोई रुकावट न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।

13 नए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) और 39 सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) की नियुक्ति जल्द होगी।

दिल्ली के जिलों का इतिहास

  • 1997 से पहले दिल्ली में सिर्फ एक जिला था।
  • समय के साथ बढ़ते शहर और आबादी के कारण जिले बढ़ाए गए।
  • 2012 में आखिरी बदलाव हुआ था।
  • अब 2025 में 13 जिले हो गए हैं।

यह बदलाव दिल्ली की तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए जरूरी था।

लोगों के लिए सलाह

अगर आपकी प्रॉपर्टी या कोई सरकारी काम नए जिले में आता है, तो घबराएं नहीं। पुरानी सेवाएं जारी रहेंगी। नई व्यवस्था लागू होने पर आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय ऑफिस से जानकारी लें।

यह बदलाव दिल्ली को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

Delhi News: दिल्ली का प्रशासन अब ज्यादा मजबूत और आसान

दिल्ली सरकार ने 11 जिलों को पुनर्गठित करके 13 जिले बना दिए हैं। तीन नए जिले बने और शाहदरा को मर्ज कर दिया गया। सीमाएं MCD और अन्य एजेंसियों से मिलाई गईं। इससे लोगों को सरकारी कामों में आसानी होगी और देरी कम होगी।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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