Top 5 This Week

Related Posts

JPSC-JSSC पेपर लीक पर सरकार का बड़ा फैसला! हाईकोर्ट में कहा- ‘बिकी’ परीक्षा से चयनितों को नहीं मिलेगी नौकरी

JPSC JSSC Scam: झारखंड की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में एक अहम हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि पैसे लेकर बेची गई परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को बनाए रखना संभव नहीं है। यह मामला 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा यानी JPSC से जुड़ा है, जिसमें जांच के दौरान परीक्षा प्रणाली के दूषित होने के कई प्रमाण सामने आए हैं। सरकार का कहना है कि केवल नियुक्ति पत्र मिल जाने भर से किसी अभ्यर्थी को पद पर बने रहने का स्थायी और पक्का अधिकार हासिल नहीं हो जाता। इस पूरे प्रकरण में सीआईडी की जांच भी लगातार जारी है, जिसमें अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और सैकड़ों सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है। सरकार ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य की प्रशासनिक सेवाओं की शुचिता और लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के हित, मुट्ठी भर याचिकाकर्ताओं के निजी हितों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।

हाईकोर्ट में सरकार का हलफनामा और मुख्य तर्क

झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में साफ शब्दों में कहा है कि जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य उजागर हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह दूषित हो चुकी थी। इस आधार पर सरकार ने तर्क दिया कि जब परीक्षा की पवित्रता ही खत्म हो चुकी हो, तो उसके नतीजों के आधार पर हुई नियुक्तियों को वैध नहीं माना जा सकता। सरकार का यह भी कहना है कि परीक्षा के विज्ञापन में शामिल नियम 16(6) के मुताबिक केवल सफल घोषित हो जाना या नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लेना किसी अभ्यर्थी को अपने पद पर स्थायी रूप से बने रहने का अधिकार नहीं देता। यह प्रावधान इस पूरे मामले में सरकार के पक्ष को मजबूत आधार प्रदान करता है, क्योंकि इसी नियम की आड़ में अब उन नियुक्तियों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं जो गड़बड़ी की जांच के दायरे में आई हैं।

धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी सिद्धांत का हवाला

अपने जवाब में सरकार ने धोखाधड़ी से जुड़े स्थापित कानूनी सिद्धांतों का भी विस्तार से उल्लेख किया है। सरकार की दलील है कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी साबित हो जाती है, तो नियमानुसार उस पर कड़ी कार्रवाई करना अनिवार्य हो जाता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि गंभीर अनियमितता या धोखाधड़ी के प्रमाण मिलने पर संबंधित नियुक्तियों को रद्द किया जाना पूरी तरह न्यायोचित है। सरकार ने अदालत के सामने यह तर्क रखते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा किसी भी राज्य की रीढ़ मानी जाती है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। इसी वजह से सरकार ने साफ कहा कि 79 याचिकाकर्ताओं के निजी हित, राज्य की प्रशासनिक सेवाओं की ईमानदारी और लाखों निष्पक्ष अभ्यर्थियों के अधिकारों की तुलना में गौण हैं।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियुक्तियां रद्द करने की तैयारी

इन्हीं कानूनी और तथ्यात्मक आधारों पर सरकार ने उन नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया है, जिनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। दरअसल यह हलफनामा उसी याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है, जिसमें 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा की नियुक्तियों को रद्द किए जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। सरकार ने अपने जवाब में याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए ठोस तथ्य ही इस पूरे मामले का आधार हैं, न कि कोई मनगढ़ंत आरोप। इससे साफ है कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है और अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रख रही है।

सीआईडी जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया

जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी को लेकर सीआईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो चुके हैं। अब तक जांच एजेंसी 28 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं परीक्षा में सफल हुए 265 अभ्यर्थियों से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियां और नोटिस इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी छोटे स्तर की नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर हुई थी। जांच के दौरान परीक्षा का संचालन करने वाली कंपनी आईसीएन के संचालक से जुड़े कई अहम तथ्य भी सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और उलझा दिया है। सीआईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले कोलकाता, बिहार और नेपाल जैसे स्थानों पर ले जाकर जवाब रटवाए गए थे। इन 28 अभ्यर्थियों में से 10 का चयन भी हो चुका था, जिसके बाद अब उनकी भूमिका और पूरी चयन प्रक्रिया की गहराई से जांच की जा रही है।

सरकार की स्पष्ट स्थिति और आगे का रास्ता

सरकार ने हाईकोर्ट में अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट रखते हुए कहा है कि परीक्षा में सफल होना या नियुक्ति पत्र हासिल कर लेना, अपने आप में किसी को स्थायी रूप से पद पर बने रहने का अधिकार प्रदान नहीं करता। यदि संपूर्ण चयन प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी या धोखाधड़ी प्रमाणित हो जाती है, तो ऐसी दूषित प्रक्रिया के जरिए हुई नियुक्तियों को कायम रखना न तो कानूनी रूप से उचित है और न ही व्यावहारिक। यह पूरा मामला अब हाईकोर्ट के विचाराधीन है, और आने वाले समय में अदालत का फैसला यह तय करेगा कि उन अभ्यर्थियों का क्या होगा जिनकी नियुक्तियां जांच के घेरे में हैं। इस बीच सीआईडी की जांच भी जारी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में और भी तथ्य उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।

झारखंड की प्रशासनिक सेवा परीक्षा से जुड़ा यह पूरा प्रकरण राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। सरकार का यह रुख साफ दिखाता है कि पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा, भले ही इसके लिए कुछ नियुक्तियों को रद्द करने जैसा कड़ा फैसला ही क्यों न लेना पड़े। सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि गड़बड़ी व्यापक स्तर पर हुई थी, और अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा।

Read More Here:- 

UP News: मुकेश सहनी का यूपी निषाद आरक्षण अभियान तेज, 50 लाख लोगों से संकल्प का लक्ष्य

Jharkhand Coal Mine Security: मगध-आम्रपाली खदानों में CISF का पहरा, 1700 जवानों तक बढ़ेगी तैनाती

Mausam 21 September 2026: दक्षिण-मध्य भारत में भारी बारिश-थंडरस्क्वॉल का अलर्ट, उत्तर भारत में मानसून की वापसी शुरू

Petrol-Diesel Price 21 Sep 2026: आज भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जारी, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश में सबसे महंगा ईंधन

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles