Jharkhand Budget 2026: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘अबुआ दिशोम’ यानी अपना देश बजट पेश कर दिया है। 1,58,560 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले साल के 1.45 लाख करोड़ रुपये के बजट से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट का मूल उद्देश्य समावेशी विकास है और इसमें गरीब, किसान, महिला, युवा, आदिवासी और वंचित वर्गों को विशेष तरजीह दी गई है। आइए 11 प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं इस बजट की पूरी तस्वीर।
1. बजट का कुल आकार और लक्ष्य

1,58,560 करोड़ रुपये के इस बजट का नाम ‘अबुआ दिशोम’ यानी अपना देश रखा गया है जो झारखंड की आदिवासी संस्कृति और पहचान को दर्शाता है। बजट का मुख्य उद्देश्य समावेशी विकास है और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना इसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे 2050 तक समृद्ध और युवा झारखंड का रोडमैप बताया है।
2. सामाजिक क्षेत्र सबसे बड़ी प्राथमिकता
इस बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए कुल 67,460 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो कुल बजट का करीब 42 प्रतिशत है। इसमें महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए अकेले 22,995 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बजट का 33.89 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए और 10.7 प्रतिशत बच्चों पर खर्च होगा।
3. महिला सशक्तिकरण की खास योजनाएं
मईयां सम्मान योजना इस बजट की सबसे चर्चित योजना है। इसके तहत महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं और इसके लिए 14,065 करोड़ से अधिक का प्रावधान है। नई महिला खुशहाली योजना की शुरुआत की गई है जिसके लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़ने का लक्ष्य भी इसी बजट में रखा गया है।
4. पेंशन योजनाओं में बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता, विधवा और अपंग पेंशन योजनाओं के लिए 1,463 करोड़ से अधिक आवंटित किए गए हैं। ये योजनाएं समाज के सबसे कमजोर तबकों को सुरक्षा प्रदान करती हैं।
5. किसानों के लिए कृषि बजट
कृषि विभाग के लिए 4,884 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। बिरसा बीज योजना का बजट बढ़ाया गया है। महिला किसान खुशहाली योजना के अलावा नकदी फसलों और मिलेट मिशन पर विशेष फोकस है। हर विधानसभा क्षेत्र में लैंप्स और पैक्स के निर्माण के लिए 162 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
6. शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव
शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। 100 नए मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। धनबाद में 2 और पलामू, लातेहार व गढ़वा में एक-एक झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। IIT-NIT मॉडल पर 23 झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विकसित किए जाएंगे।
7. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,990 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सभी मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएंगी और 24 सदर अस्पतालों में ब्रेस्ट मेमोग्राफी मशीन लगाने की योजना है। 750 अबुआ दवाखाना खोले जाएंगे और कैंसर की समय पर जांच के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
8. ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा
ग्रामीण विकास के लिए 12,347 करोड़ और ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 5,081 करोड़ रुपये रखे गए हैं। 785 किलोमीटर सड़क उन्नयन, 35 नए फ्लाईओवर और 6,601 करोड़ के बुनियादी ढांचे का ब्लूप्रिंट तैयार है। पर्यटन के लिए 361.67 करोड़ रुपये में दशम और जोन्हा में ग्लास ब्रिज और पतरातू में स्काईवॉक बनाया जाएगा।
9. केंद्र से 16,000 करोड़ की शॉर्टफॉल का दावा
बजट में केंद्र सरकार से लगभग 16,000 करोड़ रुपये की कमी का उल्लेख किया गया है जिसमें 4,000 करोड़ रुपये GST क्षतिपूर्ति से संबंधित हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र की दगाबाजी के बावजूद किसी का वेतन नहीं रुका। राजकोषीय घाटा GSDP का 2.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य है।
10. युवा और रोजगार पर फोकस
युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है। CM स्कूल के एक हजार विद्यार्थी शोध वीर बनेंगे और उन्हें प्रतिवर्ष 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। माओवाद मुक्त होंगे चार जिले और जेलों में 5G जैमर लगाए जाएंगे।
11. राजनीतिक प्रतिक्रियाएं (Jharkhand Budget 2026)
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे समावेशी और जन-हितैषी बताया और कहा यह 2050 तक समृद्ध युवा झारखंड का रोडमैप है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित विपक्ष ने बजट के कुछ हिस्सों को निराशाजनक बताया। बजट में आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट अलग से पेश किए गए जो पारदर्शिता को बढ़ाते हैं।
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