Asian Games 2026: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य के साथ कुल 85 पदकों पर समाप्त हुआ। पदक तालिका में देश चौथे स्थान पर रहा। हांगझोउ 2023 के 107 पदकों (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) से यह आंकड़ा कम है, लेकिन आखिरी दो दिनों में हासिल 11 स्वर्ण ने तालिका की तस्वीर बदल दी। लंबे समय तक टीम 10वें से 15वें स्थान के आसपास घूमती रही। शूटिंग, स्क्वैश और घुड़सवारी के शुरुआती झटकों के बाद तीरंदाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी और टीम खेलों ने स्थिति संभाली।
भारत ने कुल कितने पदक जीते और हांगझोउ से तुलना कैसी रही?
इस बार स्वर्ण की संख्या 21 रही, जो पिछली बार के 28 से सात कम है। रजत 27 और कांस्य 37 मिले। कुल पदकों में 22 की कमी मुख्य रूप से एथलेटिक्स और निशानेबाजी से आई। हांगझोउ में एथलेटिक्स से छह स्वर्ण आए थे, इस बार सिर्फ एक। निशानेबाजी में तब सात स्वर्ण थे, इस बार उस स्तर की पुनरावृत्ति नहीं हुई। फिर भी अंतिम चरण की तेजी ने भारत को शीर्ष चार में बनाए रखा। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी जैसे टीम इवेंट्स ने खिताब दिलाए, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में तीरंदाजी सबसे बड़ा योगदानकर्ता साबित हुई।
टीम खेलों और तीरंदाजी ने स्वर्ण अभियान को कैसे संभाला?
टीम स्पर्धाएं इस बार सबसे स्थिर रहीं। पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों ने स्वर्ण जीता। पुरुष हॉकी ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर खिताब बरकरार रखा और 2028 ओलंपिक के लिए सीधा कोटा भी सुनिश्चित किया। कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण भारत के नाम रहा। जब मुकाबला व्यक्तिगत कौशल से आगे टीम तालमेल का था, तब परिणाम अपेक्षा के अनुरूप आए।
तीरंदाजी से पांच स्वर्ण मिले। कुमकुम अनिल मोहोद महिला व्यक्तिगत रिकर्व में स्वर्ण जीतकर इस स्पर्धा की पहली भारतीय महिला विजेता बनीं। उन्होंने महिला टीम स्वर्ण और मिश्रित टीम रजत भी अपने नाम किया। शूट-ऑफ में 10-8 की जीत उनके अभियान का निर्णायक पल रहा। मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण आए, जिनमें लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा शामिल रहीं। कुश्ती से छह पदक मिले, जो 1962 के बाद इस खेल में भारत का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेल प्रदर्शन है। अमन सेहरावत ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में स्वर्ण जीता।
एथलेटिक्स, शूटिंग और बैडमिंटन में कमी कहां दिखी?
एथलेटिक्स से 24 पदक आए, लेकिन स्वर्ण सिर्फ महिलाओं की 4×400 मीटर रिले तक सीमित रहा। कई स्पर्धाओं में पिछली बार की ऊंचाई नहीं छू सकी। नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में भाला फेंक पर दबाव था, फिर भी यशवीर सिंह (85.72 मीटर, रजत) और रोहित यादव (84.35 मीटर, कांस्य) ने डबल पोडियम सुनिश्चित किया। बारिश के बीच यशवीर का अंतिम प्रयास व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रहा।
निशानेबाजी में मनु भाकर खाली हाथ रहीं। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत और मिश्रित टीम ट्रैप में स्वर्ण तथा टीम रजत जीतकर कुछ कमी पूरी की। कमलजीत और सुरूची सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्वर्ण दिलाया। बैडमिंटन में व्यक्तिगत स्पर्धाओं से कोई पदक नहीं आया। 12 साल बाद यह पहला मौका था जब भारत व्यक्तिगत बैडमिंटन में खाली रहा। सिर्फ पुरुष टीम कांस्य मिला, जबकि हांगझोउ में तीन पदक और एक स्वर्ण हासिल हुआ था।
किन खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर इतिहास रचा?
कुमकुम मोहोद तीन पदकों (दो स्वर्ण, एक रजत) के साथ सबसे ऊपर रहीं। नीरू ढांडा ने भी तीन पदक (दो स्वर्ण, एक रजत) जीते और शूटिंग के कमजोर दौर में संभाला। प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत का पहला स्वर्ण जीता। फाइनल राउंड में ट्रिपल-बोगी के बाद वापसी करते हुए उन्होंने 15 अंडर पार पर खिताब अपने नाम किया और टीम रजत में भी योगदान दिया।
गुलवीर सिंह ने 1500, 5000 और 10000 मीटर में दो रजत व एक कांस्य हासिल किया। विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा में 43 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, व्यक्तिगत कांस्य जीता और 4×400 रिले स्वर्ण में भूमिका निभाई। पवन सेहरावत उद्घाटन में ध्वजवाहक रहे और पुरुष कबड्डी स्वर्ण अभियान का हिस्सा बने। अभिषेक शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ स्वर्ण मुकाबले में 28 गेंदों पर 61 रन बनाए। हरमनप्रीत सिंह ने हॉकी फाइनल में दो पेनल्टी कॉर्नर गोल कर कप्तानी और स्कोरिंग दोनों मोर्चों पर योगदान दिया।
इस अभियान से भारतीय खेलों के लिए क्या संकेत निकलते हैं?
85 पदकों के साथ चौथा स्थान बताता है कि पदक अब कुछ खेलों तक सीमित नहीं रहे। टीम इवेंट्स में निरंतरता बनी रही और तीरंदाजी, कुश्ती तथा मुक्केबाजी ने स्वर्ण का रास्ता खोला। साथ ही एथलेटिक्स में स्वर्ण की कमी और बैडमिंटन-शूटिंग की गिरावट साफ चेतावनी है। आखिरी दो दिनों पर निर्भर रहना जोखिम भरा रहा। गहराई बढ़ाने और शुरुआती दौर में स्थिरता लाने की जरूरत अगले चक्र में और स्पष्ट है। कुछ खिलाड़ियों ने सिर्फ पदक नहीं जोड़े, बल्कि अपने खेल में नया मानक भी स्थापित किया।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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