Jharkhand Nikay Chunav 2026: झारखंड के 48 नगर निकायों के चुनाव परिणाम सामने आ गए हैं और इस बार के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। सबसे बड़ा आश्चर्य यह रहा कि कुल 48 महापौर और अध्यक्ष पदों में से 23 यानी लगभग आधी सीटों पर गैर-दलीय समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। भाजपा के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा क्योंकि 2018 के मुकाबले उसकी सीटें 21 से घटकर मात्र 12 रह गईं। झामुमो को 12 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस को 3 और माले को 1 सीट पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव ने झारखंड की स्थानीय राजनीति में एक नए बदलाव की तस्वीर पेश की है।
गैर-दलीय प्रत्याशियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस बार का झारखंड निकाय चुनाव गैर-दलीय प्रत्याशियों के नाम रहा। नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में हुए महापौर और अध्यक्ष पद के चुनाव में गैर-दलीय समर्थित प्रत्याशियों ने तीन नगर निगम, 12 नगर परिषद और आठ नगर पंचायत पर जीत दर्ज की। कुल मिलाकर 23 सीटें इनके खाते में गईं।
यह चुनाव तकनीकी रूप से गैर-दलीय आधार पर लड़ा गया था लेकिन दलों ने अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को अनौपचारिक समर्थन दिया था। इन 23 गैर-दलीय विजेताओं में कुछ ऐसे बागी प्रत्याशी भी हैं जिन्हें अपनी पार्टी का समर्थन नहीं मिला था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जनता का भरोसा जीतकर जीत हासिल की। गैर-दलीय खाते में आने वाले प्रमुख नगर निगमों में हजारीबाग, चास और धनबाद शामिल हैं।
भाजपा को बड़ा झटका, 9 सीटें गंवाईं
भाजपा के लिए यह चुनाव परिणाम बेहद निराशाजनक साबित हुआ। 2018 के निकाय चुनाव में भाजपा ने 21 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार वह मात्र 12 सीटों पर सिमट गई। इस प्रकार उसे 9 सीटों का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने रांची, आदित्यपुर और मेदिनीनगर नगर निगम में जीत हासिल की। नगर परिषद में लोहरदगा, गुमला और मिहिजाम पर कब्जा रखा। नगर पंचायत में महागामा, लातेहार, खूंटी, डोमचांच, बड़कीसरैया और बड़हरवा में जीत मिली। सबसे बड़ा झटका यह रहा कि गिरिडीह नगर निगम जैसी अहम सीट भाजपा के हाथ से निकल गई।
झामुमो को मिली 12 सीटें
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी झामुमो ने इस चुनाव में 12 सीटें हासिल कीं। झामुमो समर्थित प्रत्याशियों ने गिरिडीह और देवघर नगर निगम में जीत दर्ज की। नगर परिषद में चाईबासा, चक्रधरपुर और साहिबगंज पर कब्जा किया। नगर पंचायत में सरायकेला, बुंडू, राजमहल और चाकुलिया में जीत मिली। कुल मिलाकर दो नगर निगम, तीन नगर परिषद और चार नगर पंचायत झामुमो के खाते में आईं।
कांग्रेस को 3 और माले को 1 सीट
कांग्रेस के लिए यह चुनाव मिला-जुला रहा। पार्टी को तीन सीटें मिलीं। मानगो नगर निगम में पहली बार चुनाव हुआ और कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की। इसके अलावा रामगढ़ और फुसरो नगर परिषद की सीटें भी कांग्रेस के खाते में आईं। वामपंथी दल माले को धनवार नगर पंचायत में जीत मिली।
सबसे बड़ी और सबसे छोटी जीत का रोचक रिकॉर्ड
इस चुनाव की सबसे बड़ी जीत मानगो नगर निगम में दर्ज हुई। यहां कांग्रेस समर्थित और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने 18,601 वोट के भारी अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने संध्या सिंह को हराया। इससे पहले रांची में रोशनी खलखो ने 14,363 और गिरिडीह में प्रमिला मेहरा ने 14,599 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
दूसरी तरफ सबसे रोमांचक और कांटेदार मुकाबला हुसैनाबाद नगर पंचायत में हुआ जहां अजय भारती ने महज 60 वोट के मामूली अंतर से ऊषा देवी को हराया। यह पूरे चुनाव की सबसे कम अंतर वाली जीत रही। विश्रामपुर नगर परिषद में भी गीता देवी ने 85 मतों के न्यूनतम अंतर से तारा देवी को पराजित किया।
नगर निगम के प्रमुख परिणाम
रांची नगर निगम में रोशनी खलखो ने भाजपा समर्थित रमा खलखो को 14,363 मतों से हराया। हजारीबाग में गैर-दलीय अरविंद कुमार राणा ने सरफराज अहमद को 5,189 वोट से पराजित किया। गिरिडीह में झामुमो समर्थित प्रमिला मेहरा ने 14,599 वोट से शैलेंद्र कुमार चौधरी को हराया। आदित्यपुर में भाजपा समर्थित संजय सरदार ने 7,795 वोट से जीत दर्ज की। देवघर में झामुमो के रवि राउत 5,148 वोट से विजयी रहे। मेदिनीनगर में भाजपा समर्थित अरुणा शंकर 3,122 वोट से जीतीं। धनबाद नगर निगम में मतगणना जारी रहने की खबर थी।
नगर परिषद के उल्लेखनीय परिणाम
नगर परिषद स्तर पर मधुपुर में दरक्शां परवीन ने 9,641 वोट के बड़े अंतर से जीत दर्ज की जो नगर परिषद स्तर पर सबसे बड़ी जीत रही। रामगढ़ में कांग्रेस की कुसुमलता कुमारी ने 6,492 वोट से जीत हासिल की। गोड्डा में सुशील रमानी केवल 251 वोट के मामूली अंतर से विजयी रहे। सिमडेगा में ओलिवर लकड़ा ने 172 मतों के न्यूनतम अंतर से जीत दर्ज की।
चुनाव परिणामों का राजनीतिक संदेश
इस चुनाव के नतीजे झारखंड की राजनीति के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हैं। गैर-दलीय प्रत्याशियों की इतनी बड़ी संख्या में जीत यह बताती है कि स्थानीय स्तर पर मतदाता व्यक्तिगत छवि और स्थानीय कार्यों को दल के नाम से ऊपर रखते हैं। भाजपा की सीटों में भारी कमी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार से विपक्ष में रहने के बावजूद उसे जनता का उतना समर्थन नहीं मिला जितनी उम्मीद थी।
झामुमो के लिए यह परिणाम संतोषजनक कहा जा सकता है क्योंकि सत्ता में रहते हुए उसने 12 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस के लिए मानगो में पहली बार की जीत एक उत्साहजनक संकेत है। कुल मिलाकर यह चुनाव यह साबित करता है कि झारखंड की स्थानीय राजनीति में दलीय समीकरणों के साथ-साथ व्यक्तिगत साख और स्थानीय जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
Jharkhand Nikay Chunav 2026: सीटों का गणित
| दल / श्रेणी | प्राप्त सीटें (महापौर/अध्यक्ष) |
| गैर-दलीय (निर्दलीय) | 23 |
| भाजपा (BJP) | 12 |
| झामुमो (JMM) | 12 |
| कांग्रेस (INC) | 03 |
| भाकपा माले | 01 |
| कुल सीटें | 48 |
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