Ali Khamenei: दुनिया को हिला देने वाली एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई की मौत हो गई है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अब ईरानी मीडिया ने भी खामेनई की मौत की पुष्टि कर दी है। यह खबर पूरी दुनिया में भूचाल की तरह फैल गई है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नए और अनिश्चित दौर की शुरुआत हो गई है। मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव चरम पर था और अब खामेनई की मौत की पुष्टि के बाद हालात और भी जटिल होने की आशंका है।
ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनई की मौत का दावा किया। ट्रंप ने यह जानकारी सार्वजनिक की और इसे एक बड़ी सफलता के रूप में पेश किया। ट्रंप के इस ऐलान के बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई। पहले तो यह खबर केवल अमेरिकी और इजरायली मीडिया तक सीमित थी लेकिन अब ईरानी मीडिया ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। यह पुष्टि इस खबर को पूरी तरह से विश्वसनीय बना देती है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में खामेनई की जान गई बताई जा रही है।
ईरानी मीडिया ने भी मानी मौत

खामेनई की मौत की सबसे बड़ी पुष्टि तब हुई जब ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को स्वीकार कर लिया। ईरान जैसे देश में जहां राज्य नियंत्रित मीडिया सर्वोच्च नेता की मृत्यु जैसी खबर को आसानी से स्वीकार नहीं करता, वहां से इस खबर की पुष्टि का आना यह साबित करता है कि यह घटना वास्तव में घटित हुई है। ईरानी मीडिया की इस पुष्टि के बाद अब इस खबर पर किसी प्रकार का संदेह नहीं बचा है।
कौन थे अयातुल्ला अली खामेनई?
अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर थे। 85 वर्ष की आयु में वे दुनिया के सबसे शक्तिशाली धार्मिक और राजनीतिक नेताओं में गिने जाते थे। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान में सर्वोच्च नेता का पद सबसे ऊंचा और सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है। खामेनई ने इस पद पर 37 वर्षों से अधिक समय तक राज किया।
उनके कार्यकाल में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, अमेरिका और इजरायल से टकराव बढ़ा और मध्य-पूर्व में ईरानी प्रभाव का विस्तार हुआ। हिजबुल्ला, हमास और हूती जैसे समूहों को समर्थन देने की नीति उनके नेतृत्व में ही चलती रही। खामेनई को ईरान की विदेश नीति, सेना और न्यायपालिका पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त था।
कैसे हुआ हमला?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में यह कार्रवाई की गई। हमले में खामेनई जिस स्थान पर थे उसे सटीक निशाना बनाया गया। पहले इजरायली मीडिया ने एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के हवाले से खामेनई की मौत की जानकारी दी थी और बताया था कि उनका शव मलबे से निकाला गया। इसके बाद ट्रंप ने इसकी पुष्टि की और अब ईरानी मीडिया ने भी माना है कि खामेनई नहीं रहे।
ईरान में अब क्या होगा?
खामेनई की मौत के बाद ईरान में सत्ता का भविष्य एक बड़ा सवाल बन गया है। ईरान के संविधान के अनुसार सर्वोच्च नेता की मृत्यु या अक्षमता की स्थिति में विशेषज्ञों की परिषद यानी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स अगले सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है। यह परिषद ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरुओं से मिलकर बनती है।
अंतरिम व्यवस्था के तौर पर एक तीन सदस्यीय परिषद गठित हो सकती है जो तब तक काम करेगी जब तक नए सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं हो जाता। ईरान में इस समय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और अन्य सैन्य बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी। देश में अस्थिरता और सत्ता संघर्ष की संभावना बढ़ गई है।
मध्य-पूर्व पर क्या होगा असर
खामेनई की मौत के बाद मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आना तय है। ईरान का पूरा प्रॉक्सी नेटवर्क जिसमें लेबनान का हिजबुल्ला, गाजा का हमास और यमन के हूती शामिल हैं, इस घटना से सीधे तौर पर प्रभावित होगा। इन सभी समूहों को ईरान की ओर से मिलने वाला समर्थन और दिशा-निर्देश अब अनिश्चित हो गए हैं।
इजरायल के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इजरायल लंबे समय से खामेनई को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता रहा है। अब इजरायल की सुरक्षा स्थिति में एक नया बदलाव आने की संभावना है।
अमेरिका और इजरायल के लिए क्या है मतलब
डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक और सामरिक सफलता है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे और अब इस कार्रवाई से उनकी कठोर ईरान नीति को एक बड़ा परिणाम मिला है। इजरायल के प्रधानमंत्री के लिए भी यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि खामेनई ने इजरायल को मिटाने की बात कई बार कही थी।
भारत पर क्या पड़ेगा असर
भारत के लिए यह खबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है। भारत का ईरान के साथ ऊर्जा, व्यापार और चाबहार बंदरगाह जैसे रणनीतिक हितों का गहरा संबंध है। खामेनई की मौत के बाद ईरान में जो अनिश्चितता आएगी उसका सीधा असर भारत के ऊर्जा आयात और द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की संभावना है जो भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। भारत सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।
Ali Khamenei: दुनिया भर की प्रतिक्रियाओं का इंतजार
खामेनई की मौत की पुष्टि के बाद दुनिया भर के देश अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। रूस, चीन, तुर्की और अरब देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाए जाने की संभावना है। यह घटना आने वाले दिनों और हफ्तों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगी।
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