Jharkhand News: रांची, झारखंड की राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र में स्थित बरियातू फायरिंग रेंज परिसर में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। भारतीय सेना द्वारा फायरिंग अभ्यास के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस स्थान पर रखे टायरों के बड़े स्टॉक में आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग से उठता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए तत्काल अभियान शुरू किया। सेना के जवानों का मानना है कि यह आग किसी असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर लगाई गई हो सकती है।
Jharkhand News: आग से इलाके में छाई दहशत
बरियातू पहाड़ी पर स्थित इस फायरिंग रेंज में टायरों का बड़ा स्टॉक रखा गया था। अचानक इसमें भीषण आग लग गई, जो तेजी से फैलने लगी। रबर के टायर जलने से काला और जहरीला धुआं निकलने लगा, जो कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।
आग इतनी तीव्र थी कि कुछ देर के लिए इलाके में दृश्यता बेहद कम हो गई। आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए और घटना को देखने के लिए जमा हो गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से आग की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। कई बुजुर्गों और बच्चों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई। आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं और पूरा इलाका धुएं की चादर में लिपटा हुआ था।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्काल कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने बिना देर किए आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं ताकि आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका जा सके।
दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हालांकि, पूरी तरह से आग बुझाने में काफी समय लगा क्योंकि रबर के टायर जल्दी नहीं बुझते और बार-बार भड़क उठते हैं। दमकल की टीमों को यह सुनिश्चित करना पड़ा कि कोई भी अंगारा बचा न रहे जो दोबारा आग भड़का सके।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास का इलाका घेर लिया और लोगों को दूर रहने की सलाह दी। यातायात को भी कुछ समय के लिए डायवर्ट कर दिया गया ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
असामाजिक तत्वों पर शक, जांच शुरू
सेना के जवानों और अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह आग किसी असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर लगाए जाने की आशंका है। यह इलाका सेना की फायरिंग रेंज है और सामान्य परिस्थितियों में यहां इस तरह की आग लगने की संभावना नहीं है।
सेना के सूत्रों ने बताया कि टायर सुरक्षित स्थान पर रखे गए थे और किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं थी। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश हो सकती है।
हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस हर संभावित पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग कैसे और किन परिस्थितियों में लगी।
पुलिस की विस्तृत जांच जारी
सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि पूरे मामले की अत्यंत गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाया है जो घटनास्थल से नमूने एकत्र करेगी और आग लगने के कारणों का पता लगाएगी।
आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, सैकड़ों टायर पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए हैं। इससे सेना को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। सटीक नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ भी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या उन्होंने घटना से पहले कोई संदिग्ध गतिविधि देखी थी। कुछ लोगों का कहना है कि शाम के समय कुछ अज्ञात लोगों को उस इलाके में घूमते देखा गया था, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
पुलिस प्रभारी ने आश्वासन दिया कि दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सेना की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है और इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा।
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। सेना की फायरिंग रेंज जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की घटना कैसे हो सकती है, यह चिंता का विषय है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यह काम कर सके।



