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ऑनलाइन गेम की लत ने उजाड़ दिया परिवार, गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने एकसाथ खत्म की जिंदगी

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक हृदयविदारक और सदमे में डालने वाली घटना सामने आई है। साहिबाबाद के टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह सामूहिक आत्महत्या का मामला ऑनलाइन गेमिंग की लत का भयावह परिणाम बताया जा रहा है। तीनों बहनों को कोरियन लवर गेमिंग एप खेलने की लत लगी थी और परिवार द्वारा इसे रोकने के प्रयासों से नाराज होकर उन्होंने यह दुखद कदम उठाया।

कोरियन लवर गेमिंग एप की लत

Ghaziabad News - Bharat Society
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पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि तीनों नाबालिग बहनों को कोरियन लवर गेमिंग एप खेलने की गंभीर लत थी। यह एक टास्क बेस्ड गेमिंग एप है जो खासतौर पर युवाओं और किशोरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। पुलिस ने तीनों बहनों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं और मोबाइल की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। साथ ही, पुलिस को उनके घर से हाथ से लिखे कुछ पेपर भी मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है।

परिजनों का विरोध और घटना का विवरण

  • विरोध: माता-पिता बच्चियों के गेम खेलने से चिंतित थे और उन्हें लगातार रोक रहे थे। शुरुआती संकेतों के अनुसार, गेम खेलने से रोके जाने की नाराजगी ही इस खौफनाक कदम की वजह बनी।

  • हादसा: घटना बुधवार की देर रात की है। जब परिवार के सदस्य सो रहे थे, तब 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी ने नौवीं मंजिल की खिड़की से छलांग लगा दी।

  • पृष्ठभूमि: जानकारी के अनुसार, तीनों बहनों ने कोरोना महामारी के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और तब से ही वे ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंस गई थीं। पिता चेतन ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं और पिछले तीन साल से इस सोसायटी में रह रहे हैं।

पुलिस की जांच और टास्क बेस्ड गेमिंग का खतरा

एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि क्या इन गेम्स में कोई ऐसा तत्व था जो उन्हें आत्महत्या के लिए प्रेरित कर सकता था। कोरियन लवर जैसे टास्क बेस्ड गेम्स इतने व्यसनकारी होते हैं कि खिलाड़ी वास्तविक जीवन से कट जाते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को अचानक सख्त प्रतिबंध लगाने के बजाय बच्चों से संवाद बनाए रखना चाहिए। अगर बच्चे में गेमिंग एडिक्शन के लक्षण दिखें तो तुरंत मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की सहायता लेनी चाहिए।

Ghaziabad News: हेल्पलाइन नंबर

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तौर पर परेशान है, तो इन नंबरों पर संपर्क करें:

  • iCALL टोल फ्री: 9152987821 (सोम-शनि: सुबह 10 से रात 8 बजे)

  • Fortis: +918376804102

  • Samaritans Mumbai: 918422984528; 918422984529; 918422984530

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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