- गोल्डन टेम्पल पर पाकिस्तानी मिसाइल और ड्रोन से किया था हमला
नई दिल्ली: 8 मई को पाकिस्तान ने अमृतसर स्थित पवित्र श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेम्पल) को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने की कोशिश की। यह हमला भारत द्वारा पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई के बाद हुआ। पाकिस्तान की ओर से गोल्डन टेम्पल जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाना उसकी हताशा और दुर्भावना को दर्शाता है।
भारतीय सेना के 15वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने बताया कि सेना को पहले से ही अंदेशा था कि पाकिस्तान सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक और धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना सकता है। इसी कारण सेना ने गोल्डन टेम्पल के आसपास अतिरिक्त आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियाँ तैनात कर दी थीं।
हमले के दौरान पाकिस्तान ने कई ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं, लेकिन भारतीय वायु रक्षा बलों ने सतर्कता दिखाते हुए सभी को हवा में ही मार गिराया। सेना ने AKASH मिसाइल सिस्टम, L-70 एयर डिफेंस गन और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर गोल्डन टेम्पल को पूरी तरह सुरक्षित रखा।
मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा, “पाकिस्तान के पास कोई वैध सैन्य लक्ष्य नहीं था, इसलिए उसने धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की। हमारी तैयारी और आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली के कारण गोल्डन टेम्पल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।”
इस घटना के बाद अमृतसर और गोल्डन टेम्पल क्षेत्र में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। भारतीय सेना की तत्परता और तकनीकी क्षमता की देशभर में सराहना हो रही है।
भारतीय सेना की समय रहते की गई तैयारी और आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली के चलते पाकिस्तान का यह हमला पूरी तरह विफल रहा और गोल्डन टेम्पल सुरक्षित रहा। सेना की सतर्कता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

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