Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब अपने पूरे जोश पर हैं और भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपनी चौथी उम्मीदवार सूची जारी कर दी। इस सूची में 13 नए नामों का ऐलान किया गया है। इनमें कुछ जाने-पहचाने चेहरे हैं तो कुछ ऐसे नाम भी हैं जो पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा ठाकुर के नाम की हो रही है जिन्हें बागड़ा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। पार्टी अभी भी 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय करने में जुटी है।
शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा को बागड़ा से मिला मौका

इस पूरी सूची में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम सोमा ठाकुर का है। सोमा केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता शांतनु ठाकुर की पत्नी हैं। उन्हें बागड़ा विधानसभा सीट से भाजपा का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया है।
बागड़ा सीट राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील मानी जाती है। यह सीट मतुआ समुदाय के लिहाज से भी बेहद अहम है। शांतनु ठाकुर मतुआ महासंघ से जुड़े हैं और इस समुदाय में उनकी गहरी पकड़ है। ऐसे में सोमा ठाकुर को यहां से उम्मीदवार बनाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। पार्टी का मानना है कि शांतनु का प्रभाव और सोमा की उम्मीदवारी मिलकर इस सीट पर पार्टी को मजबूत बढ़त दिलाएगी।
कांग्रेस छोड़ आए संतोष पाठक को चौरंगी से टिकट
इस सूची में एक और दिलचस्प नाम है संतोष पाठक का। संतोष पाठक हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और उन्हें कोलकाता की चौरंगी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। चौरंगी कोलकाता के बीचोबीच एक बेहद अहम और शहरी सीट है। यहां से जीतना किसी भी पार्टी के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल होता है।
संतोष पाठक का कांग्रेस से भाजपा में आना खुद एक बड़ी खबर था। अब उन्हें टिकट देकर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जो लोग पार्टी में आएं उन्हें मौका जरूर मिलेगा। यह कदम दूसरे कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को भी भाजपा की तरफ आकर्षित कर सकता है।
गिरिजा शंकर रॉय को भी मिली जगह, पुराने विधायक का कटा पत्ता
इस सूची में एक और नया नाम गिरिजा शंकर रॉय का है जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्हें नटबारी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नटबारी से मौजूदा विधायक मिहिर गोस्वामी का इस बार टिकट काट दिया गया है।
मिहिर गोस्वामी एक अनुभवी नेता हैं लेकिन पार्टी ने नए चेहरे पर दांव लगाने का फैसला किया। यह फैसला पार्टी के भीतर कुछ असंतोष पैदा कर सकता है लेकिन भाजपा का मानना है कि नटबारी में बदलाव जरूरी था और गिरिजा शंकर रॉय वह बदलाव ला सकते हैं।
पूर्व IPS अधिकारी और पत्रकार भी मैदान में
इस बार भाजपा की सूची में सिर्फ राजनीतिक नेता ही नहीं हैं। पार्टी ने दो ऐसे नाम भी शामिल किए हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं। पहला नाम है पूर्व आईपीएस अधिकारी देबाशीष धर का। एक पुलिस अफसर का राजनीति में आना और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना अपने आप में एक बड़ी बात है। देबाशीष धर की साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
दूसरा नाम है पत्रकार मानव गुहा का। पत्रकारिता से राजनीति की यात्रा बंगाल में पहले भी कई नेताओं ने की है लेकिन मानव गुहा का चुनाव भाजपा की उस सोच को दिखाता है जिसमें वह समाज के अलग-अलग तबकों से जुड़े लोगों को आगे लाना चाहती है। उनकी उम्मीदवारी शहरी और पढ़े-लिखे वोटरों को आकर्षित करने की एक कोशिश भी मानी जा रही है।
मैनागुड़ी में बड़ा बदलाव, मौजूदा विधायक की जगह नया चेहरा
चौथी सूची में एक और बड़ा बदलाव मैनागुड़ी सीट पर हुआ है। पहले की सूची में मैनागुड़ी से मौजूदा विधायक कौशिक रॉय का नाम था लेकिन अब उनकी जगह लालिम रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। यह बदलाव राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बन गया है।
किसी मौजूदा विधायक का टिकट काटना आसान फैसला नहीं होता। इससे उस नेता के समर्थकों में नाराजगी हो सकती है। लेकिन पार्टी ने यह फैसला जानबूझकर लिया है। इसका मतलब यह है कि भाजपा नेतृत्व को लगा कि मैनागुड़ी में जीत के लिए नया चेहरा ज्यादा असरदार होगा।
सीताई, मगराहाट और गरबेटा भी सूची में शामिल
चौथी सूची में सीताई, मगराहाट और गरबेटा जैसी महत्वपूर्ण सीटों के उम्मीदवारों का भी ऐलान किया गया है। ये तीनों सीटें पश्चिम बंगाल की राजनीति में अलग-अलग कारणों से अहमियत रखती हैं। सीताई उत्तर बंगाल की एक संवेदनशील सीट है जहां सीमावर्ती इलाके की आबादी की बड़ी भूमिका होती है। मगराहाट दक्षिण 24 परगना में स्थित है और यहां ग्रामीण मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। गरबेटा पश्चिम मेदिनीपुर में है जहां हाल के सालों में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं।
दक्षिण बंगाल में मजबूती, उत्तर में अभी काम बाकी
चौथी सूची जारी होने के बाद अब भाजपा के पास सिर्फ 6 सीटें बची हैं जिन पर उम्मीदवारों के नाम तय होने बाकी हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक ये सीटें मुख्य रूप से उत्तर बंगाल में हैं। दक्षिण बंगाल में भाजपा ने लगभग सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं।
उत्तर बंगाल में पार्टी के लिए सीटें तय करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि वहां स्थानीय समीकरण काफी जटिल हैं। लेकिन पार्टी नेतृत्व का भरोसा है कि अगले एक-दो दिनों में बाकी बची सीटों पर भी नाम तय हो जाएंगे और पार्टी अपनी पूरी सूची जारी करने में सफल रहेगी।
आगे क्या होगा?
बाकी बची 6 सीटों पर जल्द ही घोषणा होने की उम्मीद है। एक बार पूरी सूची सामने आ जाए तो पार्टी का पूरा ध्यान जमीनी प्रचार पर लग जाएगा। स्टार प्रचारकों की रैलियां, डोर-टू-डोर कैंपेन और सोशल मीडिया पर प्रचार सब एक साथ चलेगा।
पश्चिम बंगाल का यह चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। 2021 में मिली हार के बाद पार्टी इस बार हर सीट पर पूरी ताकत झोंकने के मूड में है और उम्मीदवारों की यह सूची उसी तैयारी का हिस्सा है।
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