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Bengal Election 2026: पहले चरण की अग्निपरीक्षा में चुनाव आयोग पास, 44 हजार बूथों पर नहीं हुआ कोई ‘खेला’

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज है। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पहले चरण की ‘पोस्ट-पोल स्क्रूटनी’ की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। आयोग की इस सघन जांच में 152 विधानसभा सीटों पर कहीं भी कोई बड़ी गड़बड़ी या धांधली सामने नहीं आई है। बंगाल की राजनीति में अक्सर ‘खेला’ होने की चर्चा रहती है, लेकिन इस बार निर्वाचन आयोग के कड़े सुरक्षा इंतजामों और सतर्कता ने यह सुनिश्चित किया कि 44,376 मतदान केंद्रों पर चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष रहें। इस जांच के बाद अब कहीं भी पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी है।

Bengal Election 2026: 44,376 केंद्रों की सूक्ष्म जांच और उम्मीदवारों की मौजूदगी

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद दस्तावेजों की गहन जांच के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को संपन्न हुई इस प्रक्रिया में 152 विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों ने जनरल ऑब्जर्वर की देखरेख में फॉर्म 17A यानी मतदाता रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की पड़ताल की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 600 से अधिक उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि खुद मौजूद रहे, ताकि किसी भी संदेह की गुंजाइश न रहे। आयोग ने पहले ही सभी 1,478 उम्मीदवारों को इस स्क्रूटनी के समय और स्थान की जानकारी दे दी थी, जिससे पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनी रही।

स्ट्रांग रूम में अभूतपूर्व सुरक्षा और डबल लॉक का पहरा

Bengal Election 2026
Bengal Election 2026

मतदान खत्म होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की सुरक्षा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए किसी किले जैसी सुरक्षा व्यवस्था की है। स्ट्रांग रूम को ‘डबल लेयर’ यानी दो स्तरीय घेरे में रखा गया है। दरवाजों और गलियारों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे दिन में कम से कम दो बार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम के बाहर कैंप लगाने की अनुमति दी गई है, ताकि वे खुद अपनी आंखों से मशीनों की सुरक्षा देख सकें। इस तरह की कड़ाई बंगाल के चुनावी इतिहास में सुरक्षा के प्रति एक नया मानक स्थापित कर रही है।

अब तक 481 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त

बंगाल चुनाव में इस बार केवल हिंसा ही नहीं, बल्कि धनबल और अवैध सामग्री पर भी आयोग का डंडा खूब चला है। ताजा प्रवर्तन रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक 481 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी और सामग्री जब्त की जा चुकी है। इसमें 29 करोड़ रुपये नकद, 107 करोड़ रुपये की अवैध शराब और करीब 108 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ शामिल हैं। मतदान वाले दिन भी मुर्शिदाबाद में एक पोलिंग एजेंट के पास से भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया था। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने अब तक 384 अवैध हथियार और 1,232 बम भी बरामद किए हैं, जो शांतिपूर्ण चुनाव की दिशा में एक बड़ी सफलता है।

विज्ञापनों और अवैध पोस्टरों पर भी चली कैंची

चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। पूरे बंगाल से अब तक 21 लाख से ज्यादा अवैध पोस्टर, बैनर और दीवार लेखन हटाए गए हैं। पश्चिम बर्धमान और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में इस मामले में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। आयोग का स्पष्ट संदेश है कि चुनावी प्रचार केवल तय नियमों के भीतर ही होना चाहिए।

Bengal Election 2026: अब 29 अप्रैल के दूसरे चरण की महा-तैयारी

पहले चरण की सफलतापूर्वक जांच पूरी करने के बाद निर्वाचन आयोग अब 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों में पूरी तरह जुट गया है। इसके लिए ईवीएम की कमीशनिंग का महत्वपूर्ण काम 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में हुए रिकॉर्ड मतदान और शांतिपूर्ण प्रक्रिया ने आयोग का मनोबल बढ़ाया है। अब देखना यह होगा कि दूसरे चरण में भी आयोग इसी तरह ‘खेला’ होने से रोक पाता है या नहीं। बंगाल की जनता में इस बार मतदान को लेकर जो उत्साह दिख रहा है, उसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगले चरण की वोटिंग भी राज्य की सत्ता का भविष्य तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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