नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब से ट्रेनों में केवल उतनी ही टिकटें जारी की जाएंगी, जितनी सीटें उपलब्ध होंगी। इसका मतलब यह है कि अब वेटिंग टिकट की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य उन यात्रियों को बेहतर अनुभव देना है, जिनके पास कन्फर्म टिकट हैं, ताकि उन्हें अनावश्यक भीड़ और असुविधा का सामना न करना पड़े।
रेलवे में बड़े बदलाव और सुरक्षा उपाय
रेल मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रेलवे ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत में केवल 125 किलोमीटर लंबी सुरंगें थीं, जबकि अब तक 460 किलोमीटर नई सुरंगों का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे में अब 56,000 जनरल और स्लीपर कोच हैं, जबकि 23,000 एसी कोच तैयार किए गए हैं।
सुरक्षा के मुद्दे पर भी रेलवे ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, फॉग सेफ्टी डिवाइस और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।
भारतीय रेलवे का वैश्विक विस्तार
अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे अब एक बड़ा निर्यातक बन चुका है। भारत विभिन्न देशों को रेलवे कोच और उपकरण निर्यात कर रहा है:
ऑस्ट्रेलिया: मेट्रो कोच
यूके, सऊदी अरब, फ्रांस: रेलवे कोच
मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी, इटली: ऑपरेशनल इक्विपमेंट
इसके अलावा, बिहार में निर्मित लोकोमोटिव और तमिलनाडु में बने रेल पहिए जल्द ही वैश्विक बाजारों में उपयोग किए जाएंगे।
यात्रियों को होगा लाभ
भारतीय रेलवे के इस नए नियम से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे:
✔ भीड़भाड़ कम होगी
✔ यात्रियों को सीट की गारंटी मिलेगी
✔ यात्रा का अनुभव आरामदायक होगा
✔ अनावश्यक वेटिंग लिस्ट की परेशानी खत्म होगी
इस तरह भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है।

Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.



