Jharkhand Nikay Chunav: झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए सोमवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। राज्य के 48 निकायों में 43,33,574 मतदाता आज अपनी नगर सरकार चुनेंगे। इस चुनाव में 9 नगर निगम महापौर, 20 नगर परिषद अध्यक्ष और 19 नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए मतदान हो रहा है। इसके साथ ही 1,042 वार्ड पार्षदों के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। कुल 4,304 मतदान केंद्रों पर शाम 5 बजे तक वोटिंग चलेगी। कुल 6,124 उम्मीदवारों का भाग्य आज बैलेट बॉक्स में कैद होगा, जिनमें मेयर और अध्यक्ष के 562 उम्मीदवार और वार्ड पार्षद के 5,562 उम्मीदवार शामिल हैं।
मतदाताओं में 22,07,203 पुरुष, 21,26,227 महिला और 144 तीसरे लिंग के मतदाता हैं। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गई हैं। हालांकि, धनबाद में एक बड़ा विवाद सामने आया है जहां उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार समेत कई अधिकारी मतदाता सूची में नाम न होने के कारण वोट नहीं डाल पाएंगे।
48 निकायों में वोटिंग, 43 लाख से ज्यादा मतदाता

झारखंड में आज हो रहे नगर निकाय चुनाव का दायरा काफी व्यापक है। राज्य के कुल 48 नगर निकायों में मतदान हो रहा है, जिसमें:
9 नगर निगम: जहां महापौर (मेयर) का चुनाव हो रहा है
20 नगर परिषद: जहां अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है
19 नगर पंचायत: जहां अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है
इन निकायों में कुल 43,33,574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से 22,07,203 पुरुष मतदाता हैं, 21,26,227 महिला मतदाता हैं और 144 तीसरे लिंग (थर्ड जेंडर) के मतदाता हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लिंग अनुपात लगभग संतुलित है, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
कुल 4,304 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक यानी 10 घंटे तक मतदान चलेगा।
6124 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
इस चुनाव में कुल 6,124 उम्मीदवारों का भाग्य आज के मतदान पर निर्भर करता है। इनमें:
मेयर और अध्यक्ष पद के लिए: 562 उम्मीदवार
वार्ड पार्षद पद के लिए: 5,562 उम्मीदवार
कुल 1,042 वार्ड पार्षद पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिसका मतलब है कि प्रति वार्ड औसतन 5 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यह एक त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले का संकेत है।
मेयर और अध्यक्ष पदों के लिए भी औसतन 19-20 उम्मीदवार प्रति पद के हिसाब से चुनाव लड़ रहे हैं, जो एक कड़ी प्रतिस्पर्धा का संकेत है।
DC, SSP समेत कई अधिकारी नहीं कर पाएंगे वोट
झारखंड निकाय चुनाव में एक बड़ा विवाद धनबाद से सामने आया है। मतदाता सूची में नाम न होने के कारण कई वरिष्ठ अधिकारी अपना मताधिकार नहीं डाल पा रहे हैं।
इनमें शामिल हैं:
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उपायुक्त आदित्य रंजन
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वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार
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उप विकास आयुक्त सन्नी राज
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नगर आयुक्त आशीष गंगवार
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सदर अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे
इन सभी अधिकारियों ने हाल के महीनों में धनबाद में पदभार संभाला है। समस्या यह है कि यह चुनाव वर्ष 2024 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के आधार पर हो रहा है। चूंकि ये अधिकारी 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद धनबाद में आए हैं और उस समय धनबाद की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं था, इसलिए वे आज वोट नहीं डाल सकते।
यह एक गंभीर प्रशासनिक मुद्दा उजागर करता है। जब एक जिले के सबसे बड़े अधिकारी ही मतदाता सूची में नहीं हैं, तो यह व्यवस्था की खामी को दर्शाता है।
धनबाद में व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं, बुजुर्ग को कंधे पर उठाकर डलवाया वोट
धनबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 20 में डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जिला स्कूल में बने मतदान केंद्र पर एक दुखद घटना सामने आई। बाबूडीह निवासी 77 वर्षीय दद्दन सिंह, जिन्हें घुटने में दर्द की समस्या है और चलने में कठिनाई होती है, मतदान करने पहुंचे। लेकिन वहां उनके लिए व्हीलचेयर की कोई व्यवस्था नहीं थी।
दद्दन सिंह ने बताया, “कोई व्यवस्था नहीं है। व्हीलचेयर तक नहीं है। काफी परेशानी हो रही है। घुटने में दर्द रहता है। पर्यवेक्षक से कहा तो उन्होंने कहा चुनाव आयोग को लिखिए। रैंप भी नहीं बना हुआ है।” अंततः उन्हें कंधे पर उठाकर मतदान केंद्र तक ले जाया गया और वोट डलवाया गया।
यह घटना बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। चुनाव आयोग ने हमेशा ऐसे मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है।
जुगसलाई में वोटिंग धीमी, मतदाता बूथ के बाहर घंटों से प्रतीक्षारत
जमशेदपुर के जुगसलाई नगर निकाय क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 में स्थित अहलम इंग्लिश स्कूल में बने मतदान केंद्र पर वोटिंग की धीमी गति से मतदाता परेशान हैं। यहां दो बूथ बनाए गए हैं जिनमें क्रमशः 1,058 और 1,053 मतदाता पंजीकृत हैं। मतदाताओं का कहना है कि वोटिंग की प्रक्रिया बहुत धीमी है।
एक मतदाता ने कहा, “मैं पिछले एक घंटे से लाइन में खड़ा हूं, लेकिन अभी तक आगे नहीं बढ़ पाया हूं। यह प्रक्रिया बहुत धीमी है।”
वोटिंग की धीमी गति कई कारणों से हो सकती है:
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EVM में तकनीकी समस्या
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मतदान कर्मियों की अनुभवहीनता या कमी
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मतदाता सूची से नाम मिलान में देरी
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मतदाता पहचान पत्र सत्यापन में समस्या
यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो शाम 5 बजे तक सभी मतदाता वोट नहीं डाल पाएंगे, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है।
मानगो, आदित्यपुर में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी मतदान
जमशेदपुर के मानगो और आदित्यपुर क्षेत्र में, विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में, सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। कुल 416 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक है।
यह उच्च मतदान प्रतिशत का संकेत है, जो स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की गहरी रुचि दर्शाता है।
चाईबासा और चक्रधरपुर में शांतिपूर्ण मतदान
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा और चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्र के सभी 87 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है। जिला समाहरणालय सभागार में स्थापित कंट्रोल रूम से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु संयुक्त रूप से मतदान की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।
सभी 87 मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। यह व्यवस्था किसी भी अनियमितता को तुरंत पकड़ने में मदद करती है।
Jharkhand Nikay Chunav: गुमला में उत्साहपूर्ण मतदान
गुमला के 44 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनें लग गई हैं। लोग धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। झारखंड का यह नगर निकाय चुनाव स्थानीय शासन के लिए महत्वपूर्ण है। आज शाम 5 बजे वोटिंग समाप्त होगी और फिर मतगणना के बाद नतीजे आएंगे।



