Bihar News: बिहार सरकार ने ऐतिहासिक शहर राजगीर में 14 से 20 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले मकर मेले को राजकीय मेला घोषित किया है। यह घोषणा इस मेले के महत्व और उसकी लोकप्रियता को देखते हुए की गई है। राजगीर में प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक देश भर से पहुंचते हैं। इस बार राजकीय मेला घोषित होने से मेले का स्तर और सुविधाएं बढ़ेंगी। नालंदा जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को समाहरणालय स्थित हरदेव भवन सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जिसमें सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा
शनिवार को नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में मकर मेले और अधिमास मेले की प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि राजगीर में 14 से 20 जनवरी तक मकर मेला आयोजित होगा जिसे बिहार सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया है।
डीएम ने कहा कि इस अवसर पर भारी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु राजगीर पहुंचकर विभिन्न कुंडों विशेष रूप से ब्रह्मकुंड में स्नान करेंगे और अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना करेंगे। राजगीर अपने गर्म पानी के कुंडों के लिए प्रसिद्ध है जिन्हें औषधीय गुणों वाला माना जाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर इन कुंडों में स्नान करना विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है।
डीएम ने यह भी बताया कि श्रद्धालु धार्मिक गतिविधियों के साथ साथ राजगीर के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। इनमें जू सफारी और ग्लास ब्रिज प्रमुख आकर्षण हैं। राजगीर का ग्लास ब्रिज हाल ही में बना है और यह पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया है।
विविध सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रम
मकर मेले के दौरान केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं बल्कि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें दंगल, पतंगबाजी, रंगोली प्रतियोगिता, कृषि प्रदर्शनी और कबड्डी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। ये कार्यक्रम मेले को और अधिक आकर्षक और मनोरंजक बनाएंगे।
मकर मेला और कृषि मेला मेला थाना परिसर में 14 जनवरी से शुरू होगा। पतंग प्रतियोगिता राजगीर गेस्ट हाउस में 18 जनवरी को आयोजित होगी। पतंग प्रदर्शनी भी मेला थाना परिसर में 14 जनवरी को लगाई जाएगी। महाआरती का आयोजन ब्रह्मकुंड पर किया जाएगा जो एक भव्य धार्मिक आयोजन होगा।
संत समागम यात्रा रामजानकी मंदिर से बस स्टैंड के पास 15 जनवरी को निकाली जाएगी। दंगल प्रतियोगिता धुनिवर से पूरब 15 और 16 जनवरी को होगी जो पारंपरिक कुश्ती प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। फुटबाल प्रतियोगिता स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में 15 और 18 जनवरी को आयोजित होगी।
वालीबाल प्रतियोगिता स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में 16 जनवरी को होगी। कबड्डी प्रतियोगिता जो बिहार में बेहद लोकप्रिय खेल है स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में 17 जनवरी को आयोजित की जाएगी। विख्यात कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति मेला थाना मैदान में 16 जनवरी को होगी जो मेले में सांस्कृतिक रंग भरेगी।
इसके अलावा टमटम दौड़, क्विज प्रतियोगिता, एथलेटिक्स और दुधारू पशु प्रदर्शनी जैसे विविध कार्यक्रम भी विभिन्न तारीखों पर संपन्न होंगे। ये सभी आयोजन मेले को एक व्यापक सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव का रूप देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। अधिमास मेले के अवसर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी कराई जाएगी।
एसपी भारत सोनी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भीड़ पर सीसी कैमरे तथा ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। आधुनिक तकनीक का उपयोग करके सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। एसपी ने स्पष्ट किया कि मेले की गरिमा अगर कोई असामाजिक तत्व बिगाड़ने के बारे में सोचेगा तो उसके लिए कार्रवाई हमेशा के लिए यादगार बन जाएगी। यह चेतावनी स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की कई टीमें तैनात की जाएंगी। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात होंगे जो भीड़ में घुलमिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से तैनात की जाएंगी।
यातायात और अन्य व्यवस्थाएं
डीएम कुंदन कुमार ने यातायात व्यवस्था, पार्किंग और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पहले से कर लेने का निर्देश दिया। लाखों लोगों के आगमन को देखते हुए यातायात प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है। राजगीर पहुंचने के सभी मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान चिन्हित किए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पार्किंग क्षेत्रों से मेला स्थल तक पहुंचने के लिए शटल सेवा की व्यवस्था भी की जा सकती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। आपातकालीन स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेला स्थल पर अस्थायी चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा।
पेयजल की उचित व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाएगी। स्वच्छता को बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की टीमें तैनात रहेंगी।
बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होगी ताकि शाम और रात के समय भी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से घूम सकें। जेनरेटर की बैकअप व्यवस्था भी रहेगी।
राजगीर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

राजगीर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। यह प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। यहां भगवान बुद्ध ने कई वर्ष बिताए और महत्वपूर्ण उपदेश दिए। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का भी राजगीर से गहरा संबंध है।
राजगीर अपने गर्म पानी के कुंडों के लिए प्रसिद्ध है। ब्रह्मकुंड, सप्तधारा और अन्य कुंडों का पानी गर्म होता है और इसे औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है। मान्यता है कि इन कुंडों में स्नान करने से चर्म रोग और अन्य बीमारियां दूर होती हैं।
राजगीर में गृद्धकूट पर्वत है जहां भगवान बुद्ध ने अनेक उपदेश दिए। यहां जापान द्वारा निर्मित विश्व शांति स्तूप भी है जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। रोपवे के माध्यम से इस स्तूप तक पहुंचा जा सकता है।
Bihar News: पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मकर मेले को राजकीय मेला घोषित करने से राजगीर के पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अधिक संख्या में पर्यटक आएंगे जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें लगेंगी जहां स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, धार्मिक सामग्री और अन्य वस्तुएं बिकेंगी। कृषि प्रदर्शनी में किसानों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार इस मेले के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने का प्रयास कर रही है। मीडिया कवरेज से राजगीर और बिहार की छवि सुधरेगी।
निष्कर्ष: बिहार सरकार द्वारा राजगीर के मकर मेले को राजकीय मेला घोषित करना एक स्वागत योग्य कदम है। यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी होगा। नालंदा जिला प्रशासन ने मेले की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। 14 से 20 जनवरी तक आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा।



