Bihar Politics: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने 2020 के चुनाव में 2700 वोट मैनेज करने की बात कही। इससे विपक्षी दल खुश हैं और निर्वाचन आयोग पर हमला बोल रहे हैं। मांझी का कहना है कि उन्होंने एक हारते प्रत्याशी को जिताने के लिए जिला अधिकारी से मदद ली थी। वीडियो वायरल होने से सियासी तूफान आ गया है।
मांझी ने क्या कहा और क्यों मचा हंगामा?
जीतन राम मांझी ने एक सभा में कहा कि 2020 के चुनाव में एक प्रत्याशी 2600-2700 वोटों से हार रहा था। तब उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी (जिला निर्वाचन पदाधिकारी) से बात की और हारते हुए प्रत्याशी की जीत हो गई। मांझी ने अधिकारी का नाम भी लिया।
विपक्षी दल पहले से ही मतदाताओं की विशेष जांच को वोट चोरी बता रहे थे। अब मांझी के बयान से उनके आरोपों को ताकत मिल गई। वे कह रहे हैं कि सत्ता पक्ष ने वोट मैनेज किए। निर्वाचन आयोग को अब जवाब देना पड़ेगा। अगर बयान सही है तो जांच होनी चाहिए।
अनिल कुमार टिकारी का क्या कनेक्शन?
मांझी का बयान टेकारी के पूर्व विधायक अनिल कुमार से जुड़ा बताया जा रहा है। 2020 में अनिल कुमार 2058 वोटों से हारे थे। लेकिन वीडियो में मांझी ने 1600 वोटों से हार की बात कही। पहले के चुनाव में अनिल कुमार 2630 वोटों से जीते थे। मांझी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन लोग अनिल कुमार से जोड़ रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञ सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि अगर बयान सही है तो आयोग को मांझी से पूछना चाहिए कि वोट कैसे मैनेज हुए। तत्कालीन डीएम से भी जांच हो। मांझी बचाव में कह सकते हैं कि बात बनाई गई थी, क्योंकि आंकड़े मैच नहीं कर रहे।
Bihar Politics: विपक्ष कैसे कर रहा हमला?
विपक्षी नेता मांझी के वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि सत्ता पक्ष ने वोट चोरी की और अब सबूत मिल गया। चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री का बयान होने से मामला गंभीर है।
लोगों का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए। अगर वोट मैनेजमेंट होता है तो लोकतंत्र पर सवाल उठता है। बिहार के लोग इंतजार कर रहे हैं कि आयोग क्या कार्रवाई करता है। बिहार चुनाव 2025 में यह मुद्दा बड़ा बन सकता है। विपक्ष को हथियार मिल गया है। मांझी का बयान सियासी बहस छेड़ रहा है। राज्य में राजनीति गर्म हो गई है।



