Bihar Politics: बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य की 6 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख नजदीक है। एनडीए गठबंधन में जदयू और भाजपा के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार की सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ रहा है। महागठबंधन (RJD, कांग्रेस) भी रणनीति बना रहा है। राज्यसभा चुनाव राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
राज्यसभा सीटों का बंटवारा कैसा होगा?
बिहार में कुल 16 राज्यसभा सीटें हैं। 6 सीटें 2025-26 में खाली हो रही हैं। इनमें जदयू के 3, भाजपा के 2 और RJD के 1 सांसद शामिल हैं। एनडीए के पास विधानसभा में बहुमत है। इसलिए 6 में से 5 सीटें एनडीए को मिलने की संभावना है।
जदयू नेता कह रहे हैं कि पार्टी को 3 सीटें मिलनी चाहिए। भाजपा 2-3 सीटों पर दावा कर रही है। नीतीश कुमार ने गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की बात कही है।
विपक्ष की रणनीति क्या है?
महागठबंधन (RJD, कांग्रेस) के पास विधानसभा में कम सीटें हैं। लेकिन वे राज्यसभा में एक सीट जीतने की कोशिश करेंगे। RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष एकजुट रहेगा। कांग्रेस भी समर्थन देगी।
कुछ निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश हो रही है। विपक्ष का दावा है कि एनडीए में दरार है।
नीतीश कुमार की सरकार पर चुनौतियां
राज्यसभा चुनाव से नीतीश सरकार पर नजर है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि सरकार विकास के नाम पर चुनावी लाभ ले रही है। मनरेगा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर हमला हो रहा है।
कांग्रेस और RJD ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में जनता का जनादेश दिखेगा। नीतीश कुमार को दिल्ली में भी भाजपा से बात करनी पड़ी।
Bihar Politics: राज्यसभा चुनाव का महत्व
राज्यसभा चुनाव बिहार की राजनीति में नया संदेश देगा। एनडीए की एकता और विपक्ष की ताकत का इम्तिहान होगा। नीतीश कुमार की रणनीति पर नजर रहेगी। चुनाव फरवरी 2026 में होने की संभावना है।
बिहार के लोग इंतजार कर रहे हैं। राज्यसभा में बिहार की आवाज मजबूत होगी। राजनीतिक हलचल बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और बड़े फैसले होंगे।



