गुजरात – एक दिल दहला देने वाली घटना में गुजरात के वडोदरा जिले के पडरा गांव में एक 45 साल के व्यक्ति की हत्या उसकी अपनी नाबालिग बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर करवा दी। पिता अपनी बेटी के रिलेशनशिप का सख्त विरोध कर रहे थे और उसे घर में बंद रखते थे। इसी गुस्से में बेटी ने नींद की गोलियां खिलाकर पिता को बेहोश किया और प्रेमी को बुलाकर हत्या करवा दी। पुलिस ने बेटी के प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 18-19 दिसंबर 2025 की रात की है।
घटना कैसे हुई?
पुलिस जांच से पता चला है कि 17 साल की नाबालिग लड़की अपने प्रेमी रंजीत वाघेला से प्यार करती थी। पिता शाना चावड़ा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। पहले भी लड़की प्रेमी के साथ भाग चुकी थी, जिस पर पिता ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। रंजीत जमानत पर बाहर आया और दोनों ने फिर संपर्क किया। पिता हर रात पत्नी और बेटी को एक कमरे में बंद कर बाहर सोते थे। बेटी ने तीन दिन तक कोशिश की कि माता-पिता को नींद की गोलियां देकर बेहोश कर दे। पहले दो बार नाकाम रही, लेकिन 18 दिसंबर की रात सफल हो गई। खाने में गोलियां मिलाकर दोनों को गहरी नींद सुलाया। फिर प्रेमी रंजीत को फोन किया। रंजीत अपने दोस्त भव्य वसावा के साथ आया और पिता पर चाकू से कई वार किए। बेटी बंद कमरे से खिड़की से सब देखती रही, जबकि मां सोती रही। सुबह शव मिला तो पहले चोरी का शक हुआ, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आई। पुलिस ने रंजीत और भव्य को पकड़ लिया। बेटी को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रेम प्रसंग क्यों बना मौत की वजह?
शाना चावड़ा अपनी बड़ी बेटी की भी शादी के खिलाफ थे, जो घर से भागकर शादी कर चुकी थी। छोटी बेटी का रिश्ता भी उन्हें पसंद नहीं था। वे बेटी को कमरे में बंद रखते थे ताकि वह बाहर न जा सके। बेटी को लगा कि पिता उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। प्रेमी रंजीत ने भी धमकी दी थी कि कोई बीच में आएगा तो मार डालेगा। पुलिस का कहना है कि बेटी ने पूरी प्लानिंग की। वह भागकर प्रेमी के साथ रहना चाहती थी। नींद की गोलियां कहां से आईं, इसकी भी जांच हो रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
वडोदरा के एसपी सुशील अग्रवाल ने बताया, “यह तीसरा प्रयास था। लड़की ने खाने में गोलियां मिलाईं और प्रेमी को बुलाया। हत्या के समय वह खिड़की से देख रही थी। हमने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लड़की की उम्र कम होने से जुवेनाइल कोर्ट में केस जाएगा।” पुलिस को शक पिता के भाई मोती से हुआ, जिन्होंने रंजीत पर शक जताया। तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरा मामला खुला।
परिवार और गांव पर असर
गांव में सन्नाटा है। पड़ोसी हैरान हैं कि बेटी ऐसा कैसे कर सकती है। मां को अभी पूरा पता नहीं है, वह सदमे में है। शाना चावड़ा मजदूरी करते थे और परिवार चलाते थे। अब परिवार बिखर गया है।
कानूनी कार्रवाई क्या होगी?
आरोपी रंजीत और भव्य पर हत्या का केस दर्ज है। बेटी नाबालिग होने से उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। अगर अपराध गंभीर माना गया तो बड़े कोर्ट में ट्रायल हो सकता है। पुलिस सबूत जुटा रही है।
निष्कर्ष :
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में बातचीत कितनी जरूरी है। पिता बेटी की सुरक्षा चाहते थे, लेकिन सख्ती ने गलत रास्ता दिखा दिया। नाबालिग उम्र में प्रेम प्रसंग अक्सर खतरनाक हो जाते हैं जब परिवार और युवा एक-दूसरे को समझ नहीं पाते। माता-पिता को बच्चों से दोस्ती जैसे बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ रोक-टोक। वहीं युवाओं को भी समझना चाहिए कि गुस्से में लिया फैसला जिंदगी बर्बाद कर देता है। समाज में ऐसे मामलों को रोकने के लिए स्कूलों में काउंसलिंग और परिवार में खुली बातचीत जरूरी है। कानून सख्त है, लेकिन प्यार और समझ से ही रिश्ते मजबूत होते हैं। यह दर्दनाक घटना सबक है कि भावनाओं को काबू में रखें, वरना नुकसान सबका होता है।



