डेस्क – रूस की राजधानी मॉस्को में एक बार फिर विस्फोटक हमला हुआ है। इस घटना में दो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। यह धमाका उसी इलाके में हुआ जहां सिर्फ दो दिन पहले एक वरिष्ठ रूसी जनरल की कार बम से हत्या हुई थी। जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं।
घटना कैसे हुई?
रूसी जांच समिति के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी मॉस्को की येलेट्सकाया स्ट्रीट पर यह हादसा हुआ। दो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी गश्त पर थे। उन्होंने एक पुलिस गाड़ी के पास खड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा। वह व्यक्ति अजीब तरीके से व्यवहार कर रहा था। जैसे ही अधिकारी उसे रोकने और पूछताछ करने के लिए उसके पास पहुंचे, एक विस्फोटक उपकरण फट गया। इस धमाके में दोनों पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। उनके पास खड़ा वह तीसरा व्यक्ति भी मारा गया। मारे गए पुलिस अधिकारियों की पहचान 24 साल के इल्या क्लिमानोव और 25 साल के मक्सिम गोर्बुनोव के रूप में हुई है। दोनों युवा अधिकारी थे और एक की शादी भी हुई थी। यह उनके परिवारों के लिए बड़ा सदमा है। धमाके की जगह को तुरंत घेर लिया गया। जांचकर्ता और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है ताकि पता चले कि विस्फोटक कैसे लगा और कौन जिम्मेदार है।
दो दिन पहले हुई थी रूसी जनरल की हत्या
यह धमाका उसी इलाके के बहुत करीब हुआ जहां 22 दिसंबर को लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की कार में बम फटने से मौत हो गई थी। सरवारोव रूसी सेना के जनरल स्टाफ में ऑपरेशनल ट्रेनिंग विभाग के प्रमुख थे। उनकी कार के नीचे विस्फोटक लगाया गया था। रूस ने इस हत्या के लिए यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया है। यह पिछले एक साल में रूसी राजधानी में किसी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की तीसरी ऐसी हत्या है। इससे पहले भी कुछ जनरलों को इसी तरह निशाना बनाया गया था। अब नया धमाका उसी जगह के पास होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं? हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने इस पर कुछ नहीं कहा है।
इलाके में दहशत का माहौल
धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक स्थानीय निवासी रोजा ने बताया कि सुबह जल्दी धमाका हुआ और पूरी इमारत हिल गई। लोग डर गए और बाहर निकल आए। दक्षिणी मॉस्को का यह इलाका आमतौर पर शांत रहता है। यहां कई सैन्य अधिकारी और उनके परिवार रहते हैं। जनरल सरवारोव की हत्या के बाद यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, लेकिन फिर भी यह नया हमला हो गया। इससे रूस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध 2022 से चल रहा है। इस दौरान रूस के अंदर कई ऐसे हमले हुए हैं जहां सैन्य अधिकारियों, अधिकारियों या युद्ध समर्थकों को निशाना बनाया गया। यूक्रेन ने कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है, लेकिन कई पर चुप्पी साधी है। रूस हमेशा ऐसे हमलों के लिए यूक्रेन को दोष देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले युद्ध को रूस के अंदर तक ले जाने की कोशिश हो सकते हैं। इससे रूसी लोगों में डर फैलता है और सरकार पर दबाव बढ़ता है। पिछले साल दिसंबर में भी एक जनरल इगोर किरिलोव की स्कूटर बम से हत्या हुई थी। यूक्रेन ने उसकी जिम्मेदारी ली थी। अब लगातार ऐसे हमले हो रहे हैं।
जांच और आगे की कार्रवाई
रूसी जांच समिति ने इस मामले में आपराधिक केस दर्ज किया है। इसमें पुलिस अधिकारियों की हत्या की कोशिश और विस्फोटक सामग्री की तस्करी के आरोप शामिल हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दोनों घटनाओं की जानकारी दी गई है। कुछ रूसी नेता बदले की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इस हमले के पीछे कौन है। मॉस्को में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं।
निष्कर्ष :
मॉस्को में लगातार हो रहे ये विस्फोटक हमले चिंता की बात हैं। दो दिन के अंदर एक जनरल और फिर दो पुलिस अधिकारियों की मौत से साफ है कि रूस के अंदर भी सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। युद्ध का असर अब राजधानी तक पहुंच गया है। ये घटनाएं दिखाती हैं कि युद्ध कितना खतरनाक हो सकता है और आम लोग कितने असुरक्षित हो जाते हैं। पुलिस अधिकारी अपना फर्ज निभा रहे थे, लेकिन उनकी जान चली गई। उनके परिवारों के दर्द को समझा जा सकता है। आशा है कि जांच जल्द पूरी होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। साथ ही, रूस और यूक्रेन के बीच शांति की कोशिशें तेज हों ताकि ऐसे हमले रुकें। युद्ध किसी का भला नहीं करता, सिर्फ दुख और मौत लाता है।



