Jharkhand News: झारखंड में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राज्य की उप राजधानी दुमका में परंपरागत रूप से मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम होता है, लेकिन इस बार हेमंत सोरेन विदेश दौरे पर होने के कारण वहां नहीं पहुंचे। इस अनुपस्थिति को लेकर बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे संविधान और गणतंत्र दिवस की मर्यादा का अपमान करार दिया है।
दुमका में क्या हुआ?
दुमका में गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ध्वजारोहण करके संपन्न किया। राज्यपाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए। परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री हर साल दुमका में झंडा फहराते हैं और वहां से संदेश देते हैं। इस बार उनकी जगह राज्यपाल ने कार्यक्रम संभाला।
बीजेपी का हमला: लंदन में सैर-सपाटा, संविधान का अपमान
रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जगह मुख्यमंत्री और सरकारी अधिकारी लंदन की सड़कों पर खरीदारी कर रहे हैं। यह गणतंत्र और संविधान का अपमान है।”
मरांडी ने आगे कहा कि दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में गए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री वापस लौट आए, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर-सपाटे में लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गणतंत्र दिवस से ज्यादा महत्वपूर्ण कौन सा काम था? राज्य सरकार को पूरा ब्यौरा जारी करना चाहिए कि मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं।
दावोस दौरे पर उठे सवाल

बीजेपी नेता ने दावोस दौरे को लेकर भी तंज कसे। उन्होंने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा कंपनी से एमओयू दावोस में किया गया, जो रांची में भी हो सकता था। नवीन जिंदल के साथ भी एमओयू दावोस में हुआ। मरांडी का कहना था कि टाटा का प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है, इसके लिए विदेश जाने की क्या जरूरत थी?
उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर मुख्यमंत्री का विदेश में होना राज्य की गरिमा के खिलाफ है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर मुख्यमंत्री का राज्य में न होना अस्वीकार्य है।
राज्यपाल ने फहराया झंडा, CM की अनुपस्थिति पर सवाल
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची के मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड की सलामी ली और विकास योजनाओं की झांकियों का निरीक्षण किया। लेकिन दुमका में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति ने पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया।
राज्यपाल ने अपने संदेश में संविधान की महत्ता और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की रक्षा करने की याद दिलाता है।
अन्य जगहों पर समारोह
रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्य कार्यक्रम के अलावा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हुआ। धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, बोकारो और अन्य जिलों में भी परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों ने तिरंगे के साथ मार्च किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी के हमले के बाद अब जेएमएम और गठबंधन से प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। पिछले सालों में हेमंत सोरेन ने दुमका में झंडा फहराया था और वहां से विकास के संदेश दिए थे। इस बार विदेश दौरे के कारण अनुपस्थिति ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है।
बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री को राज्य की प्राथमिकताएं पहले रखनी चाहिए थीं। गणतंत्र दिवस जैसे पर्व पर राज्य में रहना जरूरी था।
Jharkhand News: गणतंत्र दिवस का महत्व
77वां गणतंत्र दिवस भारत के संविधान लागू होने की याद दिलाता है। इस साल “विकसित भारत @2047” का संकल्प जोर-शोर से मनाया जा रहा है। झारखंड में भी विकास योजनाओं की झांकियां और परेड ने राज्य की प्रगति दिखाई। लेकिन मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
यह विवाद दिखाता है कि राष्ट्रीय पर्व पर नेताओं की मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री या सरकार की ओर से इस पर क्या बयान आता है।



