Nalin Soren: झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र के लिए यह गर्व का पल है। दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद नलिन सोरेन को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का सदस्य बनाया है। यह समूह दोनों देशों के बीच संसदीय संबंधों को मजबूत बनाने का काम करेगा।
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में इस मनोनयन की जानकारी दी गई है। नलिन सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सांसद हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में दुमका सीट से जीत हासिल की थी। इस नई भूमिका के बाद पूरे संथाल परगना में खुशी की लहर दौड़ गई है।
नलिन सोरेन ने जताई खुशी और प्रतिबद्धता
सांसद नलिन सोरेन ने इस मनोनयन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है साथ ही एक बड़ी चुनौती भी। उन्होंने कहा, “मैं इस दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा। मेरा हमेशा से लक्ष्य रहा है कि झारखंड और संथाल परगना की आवाज को राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाए।”
सांसद ने वादा किया कि इस नई जिम्मेदारी के साथ जनसेवा के कामों को और तेजी से जारी रखेंगे। उनकी पत्नी जायस बेसरा, जो जिला परिषद अध्यक्ष भी हैं, ने इस उपलब्धि को समाज सेवा के लिए नई प्रेरणा बताया।
संसदीय मैत्री समूह क्या है और इसका उद्देश्य

भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह दो देशों की संसदों के बीच बेहतर समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसका मुख्य काम दोनों देशों के सांसदों के बीच संवाद को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान करना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
फिलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है। भारत और फिलीपींस के बीच व्यापार, रक्षा, शिक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। इस समूह के जरिए सांसद नलिन सोरेन अब इन मुद्दों पर चर्चा में भाग ले सकेंगे और झारखंड के हितों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रख सकेंगे।
संथाल परगना और झारखंड के लिए गौरव का क्षण
नलिन सोरेन का यह चयन पूरे संथाल परगना के लिए गर्व की बात है। दुमका, पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज जैसे जिलों वाले इस क्षेत्र में आदिवासी बहुल आबादी है। इस मनोनयन से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं में नई उम्मीद जगी है। कई स्थानीय नेता कह रहे हैं कि अब झारखंड की आवाज फिलीपींस जैसे देशों तक पहुंचेगी।
नलिन सोरेन का राजनीतिक सफर
नलिन सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता हैं। वे शिकारिपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दुमका सीट पर मजबूत जीत दर्ज की। उनका राजनीतिक करियर जनसेवा और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई से जुड़ा रहा है।
दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का नया आयाम
भारत और फिलीपींस के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, व्यापार और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर साथ काम कर रहे हैं। संसदीय मैत्री समूह इन संबंधों को और गहरा बनाने में मदद करेगा। समूह के सदस्यों के बीच नियमित बैठकें और चर्चाएं होती हैं, जिससे सांसदों को एक-दूसरे के देश की संसदीय प्रणाली और विकास मॉडल समझने का मौका मिलता है।
स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ेगा
दुमका और आसपास के इलाकों में इस खबर से सकारात्मक माहौल है। लोग कह रहे हैं कि सांसद की यह उपलब्धि क्षेत्र के विकास को नई गति देगी। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने भी इस मनोनयन पर बधाई दी है।
निष्कर्ष: आगे की राह और उम्मीदें
नलिन सोरेन की यह जिम्मेदारी सिर्फ एक पद नहीं बल्कि एक बड़ी चुनौती है। उन्हें दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक पुल का काम करना होगा। झारखंड की आदिवासी संस्कृति को फिलीपींस जैसे देशों में पेश करने का भी अवसर मिलेगा। यह मनोनयन 18वीं लोकसभा के पूरे कार्यकाल तक चलेगा और उम्मीद है कि इससे राज्य को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान मिलेगी।
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